VIDEO: कभी लोग मांगते थे माफी, आज फहीम मांग रहा आजादी! सुनिये कोयलांचल के पूर्व डॉन की सरकार से भावुक गुहार
एक समय धनबाद और वासेपुर में जिसका नाम सुनकर लोग रास्ता बदल लेते थे, वही फहीम खान आज सरकार से रहम की अपील कर रहा है. कभी कोयलांचल में आतंक और दबदबे का पर्याय रहे फहीम खान ने रांची के रिम्स में इलाज के दौरान भावुक होकर कहा, "क्या जिंदगी भर अपराधी ही रहूंगा?

Ranchi: एक समय धनबाद और वासेपुर में जिसका नाम सुनकर लोग रास्ता बदल लेते थे, वही फहीम खान आज सरकार से रहम की अपील कर रहा है. कभी कोयलांचल में आतंक और दबदबे का पर्याय रहे फहीम खान ने रांची के रिम्स में इलाज के दौरान भावुक होकर कहा, "क्या जिंदगी भर अपराधी ही रहूंगा? अदालत ने मुझे राहत दी, फिर सरकार क्यों रोक रही है?" फहीम का कहना है कि अब उसकी उम्र और सेहत ऐसी नहीं रही कि वह दोबारा अपराध की दुनिया में लौटे. उसने सरकार से मानवीय आधार पर अपनी रिहाई पर विचार करने की अपील की है. फहीम की यह भावुक अपील अब झारखंड में नई बहस का विषय बन गई है.
"मेरे भी बाल-बच्चे हैं, अब मुझे छोड़ दीजिए"
इलाज के सिलसिले में रांची स्थित रिम्स पहुंचे फहीम खान ने कहा कि उसके भी परिवार और बच्चे हैं. उसने कहा कि जिंदगी का बड़ा हिस्सा जेल में बीत चुका है और अब वह सामान्य जीवन जीना चाहता है. फहीम ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत से राहत मिलने के बाद भी उसे आजादी नहीं मिल रही है. उसने यहां तक कह दिया कि सरकार को खुद को अदालत से बड़ा नहीं समझना चाहिए.
कभी कोयलांचल का सबसे चर्चित नाम था फहीम
धनबाद के वासेपुर इलाके से निकलकर फहीम खान का नाम वर्षों तक कोयलांचल की अपराध दुनिया में गूंजता रहा. हत्या, गैंगवार और कई संगीन मामलों में उसका नाम सामने आया. वासेपुर गैंगवार की चर्चाओं में फहीम खान को एक प्रमुख किरदार के रूप में देखा जाता रहा है. एक दौर ऐसा था जब उसके नाम का खौफ पूरे इलाके में महसूस किया जाता था. लेकिन अब वही फहीम उम्र और बीमारी का हवाला देकर रिहाई की मांग कर रहा है.
"रंगदारी नहीं, माता-पिता के हत्यारों से बदला लिया था"
फहीम खान ने अपनी सफाई में कहा कि उसने अपराध की दुनिया में कदम किसी लालच या रंगदारी के लिए नहीं रखा था. उसके मुताबिक माता-पिता की हत्या के बाद बदले की भावना ने उसे उस रास्ते पर धकेल दिया. फहीम का दावा है कि आज उसकी उम्र ऐसी नहीं रही कि वह फिर अपराध करे. ऐसे में वह सरकार से सिर्फ एक मौका मांग रहा है. हालांकि उसके आलोचकों का मानना है कि अपराधों का इतिहास इतना आसानी से नहीं भुलाया जा सकता. ऐसे में अब निगाहें सरकार पर हैं कि वह फहीम खान की इस भावुक अपील पर क्या फैसला लेती है.

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