PM आवास के पास राहुल, प्रियंका और खरगे का धरना, छात्र आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस
“जंतर-मंतर की घटना के बाद कांग्रेस ने बड़ा सियासी दांव चला है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खरगे पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए हैं और छात्र आंदोलन के समर्थन में सरकार को घेर रहे हैं.”

दिल्ली में छात्र आंदोलन को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से प्रधानमंत्री आवास तक पार्टी ने बड़ा मार्च निकाला. मार्च की अगुआई राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने की. पीएम आवास के करीब पहुंचने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, खरगे समेत कांग्रेस के कई सांसद और वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए. कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों के समर्थन और सरकार से जवाब मांगने के लिए किया जा रहा है.
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने उनके आवास तक मार्च कर रहे हैं. राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार न तो इस मामले में जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.
'युवाओं के गुनहगार हैं मोदी-शाह'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया पर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस छात्रों की जायज मांगों के साथ खड़ी है और लाठीचार्ज व बल प्रयोग पर सरकार को जवाब देना होगा. खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह युवाओं के गुनहगार हैं और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में हाथ डालकर नारेबाजी की. प्रधानमंत्री आवास के पास से सामने आए वीडियो में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दिए.
कई नेताओं को हिरासत में लिया गया
लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने हिरासत में लिए जाने के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है. कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, खबर लिखे जाने तक इस प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल दिल्ली में कांग्रेस का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले समय में इस पर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है.


