हेलीकॉप्टर बनेगा एयर एंबुलेंस, रिटायर्ड शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग का लाभ और 6 अगस्त से मॉनसून सत्र... हेमंत कैबिनेट की बैठक के बड़े फैसले
“झारखंड कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा के लिए हेलीकॉप्टर किराये पर लेने, 10वीं परीक्षा में गंभीर बीमार छात्रों को 75% उपस्थिति की अनिवार्यता से छूट देने और सेवानिवृत्त शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं.”

Ranchi: झारखंड कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. राज्य में गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. इसके तहत एक सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर को किराये पर लिया जाएगा, जिसका उपयोग दूरदराज के इलाकों से मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए किया जाएगा. इस योजना पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
कैबिनेट ने सिकल सेल, थैलेसीमिया, टाइप-1 मधुमेह और दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी बड़ी राहत देते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
इसके अलावा राज्य के सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सातवें वेतन आयोग (7th CPC) का लाभ देने का फैसला लिया गया है. यह लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रभावी होगा. जिन शिक्षकों को अब तक एरियर का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें 6 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि देने की भी स्वीकृति दी गई है.
कैबिनेट के अन्य फैसले
पलामू के जमुना में डिग्री कॉलेज को मंजूरी: जमुना में नए डिग्री महाविद्यालय के निर्माण के लिए 33 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई.
रामगढ़ के मांडू में बनेगा नया डिग्री कॉलेज: मांडू में डिग्री महाविद्यालय के निर्माण के लिए करीब 40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए.
CAG रिपोर्ट विधानसभा में होगी पेश: जल जीवन मिशन (JJM) और मनरेगा से संबंधित कैग (CAG) रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई.
गिरिडीह और दुमका में बनेंगे नए चिड़ियाघर: गिरिडीह वन प्रमंडल और दुमका वन प्रमंडल में दो नए चिड़ियाघरों की स्थापना के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली.
6 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा.
AG ऑफिस के डिजिटलीकरण को मंजूरी: महालेखाकार (AG) कार्यालय के डिजिटलीकरण के लिए 46.85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता को स्वीकृति दी गई.

