
मनरेगा को भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बताते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जी राम जी योजना गांव, गरीब और मजदूरों के लिए नया और पारदर्शी मॉडल है. उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने और भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने का आरोप लगाया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीजेपी असम और पूरे भारत से अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालेगी. उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले जनता से ‘कमल’ को पांच साल और समर्थन देने की अपील की, जिससे असम की सुरक्षा, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव सुनिश्चित होगा.
करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस भव्य स्थल के उद्घाटन समारोह को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद खेल महोत्सव के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश में खेलों के क्षेत्र में ऐसा माहौल बनाया है, जहां खिलाड़ियों का चयन परिचय या अधिकार के आधार पर नहीं, बल्कि कौशल और प्रतिभा के आधार पर किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. एसीबी हजारीबाग ने हुवाग पंचायत के सचिव को ₹2500 रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया.
असम में रैली के दौरान PM मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष SIR प्रक्रिया को रोककर घुसपैठियों के हित साध रहा है. पीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर में अब हिंसा नहीं, 4G-5G, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू हो चुका है और यह बदलाव रुकने वाला नहीं.
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने मनरेगा के नए स्वरूप और नाम बदलने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महात्मा गांधी का नाम हटाकर और योजना का ढांचा बदलकर गरीबों, किसानों और भूमिहीन श्रमिकों के हितों पर प्रहार किया है.
पश्चिम बंगाल में घने कोहरे ने पीएम मोदी के दौरे को प्रभावित कर दिया। कम विजिबिलिटी की वजह से उनका हेलीकॉप्टर नदिया/ताहेरपुर में उतर नहीं पाया और वापस कोलकाता लौटना पड़ा. पीएम अब सड़क मार्ग से रैली स्थल जाने की तैयारी में हैं.
राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा ईडी की चार्जशीट खारिज किए जाने के बाद झारखंड कांग्रेस ने रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया और केंद्र पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. पुलिस ने सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया.
किताब के मुताबिक 2002 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले BJP नेतृत्व चाहता था कि वाजपेयी राष्ट्रपति पद स्वीकार कर लें और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी लालकृष्ण आडवाणी को सौंप दें. टंडन के मुताबिक, यह सुझाव पार्टी स्तर पर गंभीरता से उठाया गया था, लेकिन वाजपेयी ने इसे तुरंत ठुकरा दिया.