बिहार राज्यसभा चुनाव में खेल खत्म! पांचों सीटों पर NDA की जीत तय
राज्यसभा चुनाव 2026 में बिहार से बड़ी खबर सामने आई है. महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है.
राज्यसभा चुनाव 2026 में बिहार से बड़ी खबर सामने आई है. महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है.
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 में वोटिंग के दौरान महागठबंधन के चार विधायक गायब रहने से सियासी हलचल तेज हो गई है. पांचवीं सीट पर एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है.

Bihar में चार सीटों पर निर्विरोध चुनाव तय माना जा रहा है। इनमें Nitish Kumar, Ramnath Thakur के साथ बीजेपी के Nitin Nabin और Shivam Kumar का चयन लगभग तय है। पांचवीं सीट पर एनडीए समर्थित Upendra Kushwaha और महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के बीच मुकाबला है।
जानकारी के मुताबिक, 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार मतदान के चरणों की संख्या कम रहने की संभावना है. पिछले चुनाव में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराया गया था, लेकिन इस बार इसे घटाने पर विचार किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है. शनिवार को कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई.
दार्जिलिंग में आयोजित आदिवासी सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने मंच से नाराजगी जताते हुए कहा कि संथाल समुदाय के लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोका गया. इस बयान के बाद Mamata Banerjee सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और आदिवासी समुदाय के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर NDA ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. BJP ने नितिन नवीन और शिवेश राम को मैदान में उतारा है, जबकि पांचवीं सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा को समर्थन दिया गया है. इस फैसले के साथ ही पवन सिंह को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया.
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार राज्यसभा चुनाव में पांचों सीट जीतने का दावा किया. उन्होंने मां की सक्रिय राजनीति से इंकार, झारखंड में पार्टी नेताओं के साथ रांची एयरपोर्ट पर स्वागत और बंगाल-असम चुनाव में विस्तार की रणनीति पर चर्चा की.
झारखंड नगर निकाय चुनाव के दौरान कई जिलों में हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आईं. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में सबसे बड़ा बवाल हुआ, जबकि धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में भी तनाव और टकराव देखने को मिला. प्रशासन ने सभी जगह स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है.
रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो समेत कई जिलों में नगर निकाय चुनाव के दौरान हंगामा, झड़प और तनाव देखने को मिला. कई जगह सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. पूरे झारखंड की ग्राउंड रिपोर्ट एक ही खबर में पढ़ें, कहां क्या हुआ और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की.
झारखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रचार थम चुका है और अब प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. राज्य के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को मतदान होगा. चुनाव को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.