

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के बाद बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सीएम सम्राट चौधरी ने परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.
JPSC परीक्षा घोटाले की जांच में आरोपी अभय तिवारी के कथित बयान से FRO, ACF, सिविल सेवा और CDPO परीक्षाओं में पैसों के लेन-देन और अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं.
पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. नए कानून में गंभीर मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
सीतामढ़ी में SC-ST अनुदान की राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा. मंत्री के सामने शिकायत और फोन पर बातचीत के बाद डेटा एंट्री ऑपरेटर को सस्पेंड कर जांच के आदेश दिए गए.
JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते लगातार दूसरे दिन CID मुख्यालय पहुंचे. जांच एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी चयन और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उनसे कई अहम सवाल पूछे.
14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर CID जांच के बीच पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते ने सफाई दी है. उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नियमों के अनुसार फैसले लिए और प्रशासनिक सुधार की कोशिश की.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. पेपर लीक, परीक्षा सुधार, तकनीक आधारित मूल्यांकन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर मंत्रालय की नई प्राथमिकताओं पर काम शुरू होगा.
झारखंड के दुमका जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत अपात्र लाभुकों को लाभ मिलने का मामला सामने आया है. प्रशासन द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में रेलवे कर्मचारी, सरकारी शिक्षकों के परिवार, एएनएम और अन्य सरकारी व्यवस्था से जुड़े लोगों के परिवारों के नाम सामने आए हैं.

मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार बड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है. महिला आरक्षण, परिसीमन, संविधान संशोधन और चुनाव सुधार जैसे मुद्दों पर सरकार समर्थन जुटाने में लगी है, जबकि विपक्ष इन प्रस्तावों का विरोध करने की रणनीति बना रहा है. ऐसे में इस बार का संसद सत्र बेहद अहम माना जा रहा है.
झारखंड सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब किसी भी सरकारी योजना के लिए एकमुश्त आवंटन नहीं किया जाएगा, बल्कि कार्य की प्रगति के अनुसार किस्तों में राशि जारी होगी. सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खजाने पर दबाव कम होगा और योजनाओं के खर्च पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी.
रांची के बूटी मोड़–बरियातू रोड स्थित आदर्श नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान कई मकान और दुकानें हटाई गईं. प्रभावित लोगों ने पर्याप्त समय नहीं मिलने की बात कही, जबकि प्रशासन ने इसे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की नियमित कार्रवाई बताया.