14वीं JPSC विवाद पर पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते का बड़ा बयान, बोले- मैंने किए थे सुधार के प्रयास
14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर CID जांच के बीच पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते ने सफाई दी है. उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नियमों के अनुसार फैसले लिए और प्रशासनिक सुधार की कोशिश की.

Ranchi: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही CID जांच के बीच आयोग के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है. एल खियांग्ते ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, जिससे वास्तविक सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सुधार और समय पर परीक्षाएं कराने के प्रयासों का भी जिक्र किया.
आरोपों पर एल खियांग्ते का जवाब, बोले- जांच में सामने आएगी सच्चाई
एल खियांग्ते ने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जांच एजेंसियों को इसकी पूरी जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व चेयरमैन ने खुद की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कभी भी मनमाने फैसले लेने के लिए नहीं किया. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार पूरी की गई थी. परीक्षा के आयोजन, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और इंटरव्यू प्रक्रिया में तय नियमों का पालन किया गया. उन्होंने जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे.
JPSC चेयरमैन बनने के बाद सुधार की कोशिश का दावा
एल खियांग्ते ने बताया कि उन्होंने 6 मार्च 2025 को JPSC चेयरमैन का पद संभाला था. उन्होंने कहा कि आयोग की पुरानी छवि और विवादों को देखते हुए यह जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन उन्होंने इसे सुधार के अवसर के रूप में स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आयोग की धीमी कार्यप्रणाली को सुधारना थी. परीक्षा आयोजन, रिजल्ट जारी करने और लंबित भर्तियों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया. एल खियांग्ते के अनुसार, उन्होंने कोशिश की कि भर्ती परीक्षाएं तय समय पर हों और अभ्यर्थियों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि बैकलॉग क्लियरेंस और नियमित नियुक्तियों को गति देने के लिए कई कदम उठाए गए. उनके अनुसार, सभी फैसले नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए.
रिजल्ट प्रक्रिया और हस्ताक्षर विवाद पर दी सफाई
14वीं JPSC परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा (PT) परिणाम में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने के सवाल पर एल खियांग्ते ने नियमों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि 2002 के रूल ऑफ प्रोसीजर के अनुसार PT और मेंस परीक्षा के परिणाम जारी करने के लिए आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं होते हैं. उन्होंने बताया कि अंतिम परिणाम जारी करने से पहले आयोग के सदस्य स्क्रूटनी करते हैं और इसके बाद चेयरमैन की मंजूरी ली जाती है. एल खियांग्ते ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रक्रिया पर सवाल उठने की स्थिति में जांच जरूरी है, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.
अभ्यर्थी की शिकायत नजरअंदाज करने के आरोप को बताया गलत
एक अभ्यर्थी की ओर से छह महीने पहले की गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के आरोपों पर एल खियांग्ते ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि आयोग को ईमेल और डाक के माध्यम से लगातार कई शिकायतें मिलती रहती हैं, जिन पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज करने का आरोप पूरी तरह गलत है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि किसी स्तर पर चूक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य हमेशा शिकायतों को गंभीरता से लेना और उचित समाधान निकालना रहा है. एल खियांग्ते ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई.
सीट बेचने के आरोपों पर जताई चिंता
भर्ती परीक्षा में पदों के कथित रेट फिक्स होने के आरोपों पर एल खियांग्ते ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी समाचार माध्यमों के जरिए मिली. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय तरीके से संचालित की गई थी. उन्होंने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित स्थान पर रखा गया था और जांच प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान कोडिंग के माध्यम से छिपाई गई थी. इंटरव्यू प्रक्रिया भी तय मानकों के अनुसार पूरी की गई. एल खियांग्ते ने कहा कि सीट बेचने जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं और यदि ऐसा कुछ हुआ है तो जांच में दोषियों की पहचान होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है.
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी देने के आरोप पर सफाई
परीक्षा संचालन के लिए कथित तौर पर ब्लैकलिस्टेड कंपनी को जिम्मेदारी देने के आरोपों पर एल खियांग्ते ने कहा कि उन्होंने एजेंसी का चयन पूरी जांच-पड़ताल के बाद किया था. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में किसी ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से जुड़ा मामला जांच का विषय है और जांच एजेंसियां इसकी सच्चाई सामने लाएंगी. एल खियांग्ते ने कहा कि एजेंसी चयन के समय नियमों और रिकॉर्ड की जांच की गई थी. उन्होंने यह भी बताया कि CID ने उनसे पूछताछ की है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं. उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात कही और कहा कि उन्हें विश्वास है कि जांच के बाद वास्तविक तथ्य सामने आएंगे.
CID जांच में सहयोग कर रहे हैं एल खियांग्ते
एल खियांग्ते ने कहा कि CID की जांच में उन्होंने पूरा सहयोग किया है. उन्होंने जांच अधिकारियों के सामने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए हैं. उन्होंने दोहराया कि चेयरमैन पद पर रहते हुए उन्होंने कभी भी अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने कहा कि JPSC जैसी संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे जरूरी है. यदि किसी अधिकारी या एजेंसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व चेयरमैन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच से सभी आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी और दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.







Leave a comment