बूटी मोड़–बरियातू रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, 25 साल पुराना आशियाना मलबे में बदला
“रांची के बूटी मोड़–बरियातू रोड स्थित आदर्श नगर में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान कई मकान और दुकानें हटाई गईं. प्रभावित लोगों ने पर्याप्त समय नहीं मिलने की बात कही, जबकि प्रशासन ने इसे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की नियमित कार्रवाई बताया.”

Ranchi:- सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत बूटी मोड़–बरियातू रोड स्थित आदर्श नगर इलाके में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. इस दौरान कई मकानों और दुकानों को हटाया गया, जिससे क्षेत्र में हलचल का माहौल बन गया. कार्रवाई के बीच एक भावुक तस्वीर भी सामने आई, जहां एक बुजुर्ग अपने वर्षों पुराने घर को टूटते हुए देखते रहे. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मकान करीब 25 साल पहले बनाया गया था और परिवार लंबे समय से वहीं रह रहा था. प्रभावित लोगों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था का अवसर नहीं मिला. वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चलाया गया. फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग विकास कार्यों के साथ मानवीय पहलुओं पर भी सवाल उठा रहे हैं.
सरकारी अभियान के तहत चली बुलडोजर कार्रवाई
बूटी मोड़–बरियातू रोड के आदर्श नगर क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया. इस दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से कई निर्माणों को हटाया गया. अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया का हिस्सा थी. अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
बुजुर्ग की आंखों के सामने टूटा वर्षों का आशियाना
कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक भावुक करने वाला दृश्य एक बुजुर्ग का था, जो अपने घर के बाहर बैठकर मकान को टूटते हुए देखते रहे. स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने वर्षों की मेहनत और बचत से यह घर बनाया था. लंबे समय तक परिवार के साथ वहीं रहने के बाद अब वह मकान मलबे में बदल गया. इस दृश्य ने आसपास मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया.
प्रभावित लोगों ने उठाए कई सवाल
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें सामान हटाने और अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला. उनका दावा है कि यदि पहले से स्पष्ट सूचना और पर्याप्त समय दिया जाता, तो वे अपनी आवश्यक वस्तुएं सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते थे. कई परिवारों ने कार्रवाई के तरीके को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई.
विकास और मानवीय दृष्टिकोण पर चर्चा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना प्रशासन का अधिकार है, लेकिन ऐसी कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों और मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. लोगों का मानना है कि कानूनी प्रक्रिया के साथ संवाद, समय और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है, ताकि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
प्रशासनिक पक्ष और आगे की स्थिति
प्रशासन की ओर से इस अभियान को नियमित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया गया है. हालांकि, प्रभावित लोगों की ओर से उठाए गए सवालों और मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. यदि प्रशासन इस संबंध में विस्तृत बयान जारी करता है, तो उससे पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल बूटी मोड़–बरियातू रोड की यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां एक ओर सरकारी भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया जारी है तो दूसरी ओर प्रभावित परिवारों की चिंता और भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

