बारामती विमान हादसा: 25 वर्षीय शांभवी पाठक की आखिरी उड़ान ने भारतीय एविएशन की नई पीढ़ी को झकझोर दिया
बारामती क्रैश में शांभवी पाठक का करियर और उड़ान अधूरी रह गई. उनकी मेहनत और साहस लाखों पायलटों के लिए प्रेरणा है.
बारामती क्रैश में शांभवी पाठक का करियर और उड़ान अधूरी रह गई. उनकी मेहनत और साहस लाखों पायलटों के लिए प्रेरणा है.
ICC T20 रैंकिंग के ताजा अपडेट में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा दिखा. सूर्यकुमार यादव टॉप-10 में लौटे, रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या को फायदा मिला, जबकि बुमराह और बिश्नोई ने गेंदबाजी रैंकिंग में छलांग लगाई.
UGC के नए नियमों को लेकर जनरल कैटेगरी और सवर्ण समाज में आक्रोश है. दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी तो यूपी में सड़कों पर विरोध दिखा.
UGC के नए नियमों, जनरल कैटेगरी के छात्रों के विरोध और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है. इस फैसले ने शिक्षा नीति और प्रशासनिक निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी 2026 को अपने प्रसिद्ध मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 130वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया. यह 2026 में इस कार्यक्रम का पहला संस्करण था, जो राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के ठीक पहले प्रसारित हुआ.
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
रजरप्पा के मां छिन्नमस्तिके मंदिर में पूजा के बाद भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारत की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत हाथों में है. किसी भी चुनौती या खतरे का जवाब पूरी सख्ती से दिया जाएगा.
खादगढ़ा बस स्टैंड में परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही बसों को जांच के दायरे में लिया गया है. अब यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा—यह साफ संदेश विभाग ने दे दिया है.

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जी राम जी अधिनियम 2025 मांग आधारित नहीं, बल्कि गांवों की आवश्यकता आधारित योजनाओं पर केंद्रित है. यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत करेगा.
झारखंड में पेसा कानून के तहत बनाई गई नई नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों और नेताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा परिसर में पेसा नियमावली की कॉपी फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.