रजरप्पा में नौसेना प्रमुख का संदेश: आस्था, सुरक्षा और संकल्प का संगम
रजरप्पा के मां छिन्नमस्तिके मंदिर में पूजा के बाद भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारत की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत हाथों में है. किसी भी चुनौती या खतरे का जवाब पूरी सख्ती से दिया जाएगा.

Rajrappa: झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रजरप्पा में शुक्रवार को आध्यात्म और राष्ट्रसुरक्षा का दुर्लभ संगम देखने को मिला. भारतीय नौसेना के शीर्ष अधिकारी एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिके मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुरक्षा को लेकर एक सशक्त संदेश दिया. मंदिर दर्शन के बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की सुरक्षा पूरी तरह सक्षम हाथों में है और किसी भी प्रकार की चुनौती का जवाब मजबूती और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा. उनके इस दौरे ने न केवल मंदिर परिसर को बल्कि पूरे रजरप्पा क्षेत्र को विशेष ऊर्जा से भर दिया. श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण गर्व और विश्वास से भरा रहा, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. नौसेना प्रमुख का यह दौरा केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि यह देश की सामरिक ताकत, आत्मविश्वास और संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया.
मां छिन्नमस्तिके के दरबार में नौसेना प्रमुख की उपस्थिति
नौसेना प्रमुख ने रजरप्पा पहुंचकर पूरे विधि-विधान के साथ मां छिन्नमस्तिके की आराधना की. उन्होंने मंदिर में नारियल अर्पित किया, रक्षा सूत्र बंधवाया और देवी से देश की शांति व सुरक्षा की कामना की. पूजा के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा. उनकी मौजूदगी से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया. आम लोग इस बात से भावुक नजर आए कि देश की समुद्री सीमाओं की जिम्मेदारी संभालने वाला सर्वोच्च अधिकारी मां के चरणों में नतमस्तक हुआ. यह दृश्य आस्था और राष्ट्रभक्ति का मजबूत प्रतीक बन गया.
सुरक्षा पर स्पष्ट संदेश: हर खतरे के लिए तैयार भारत
पूजा के बाद मीडिया से बातचीत में नौसेना प्रमुख ने देश की सुरक्षा नीति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि यदि कोई भी शक्ति भारत की ओर गलत नजर से देखती है या सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश करती है, तो उसे सख्त और निर्णायक जवाब मिलेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है. समुद्र हो या दूरस्थ क्षेत्र, भारत की सामरिक पहुंच मजबूत है. उनका यह बयान स्पष्ट रूप से भारत की रक्षा क्षमता, सतर्कता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है.
समुद्री शक्ति और रणनीतिक क्षमता पर जोर
नौसेना प्रमुख ने समुद्री सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया का बड़ा हिस्सा जल से घिरा है और जहां जल है, वहां भारत की नौसेना पहुंच बना सकती है. उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित बल और स्पष्ट रणनीति के कारण भारतीय नौसेना किसी भी समय, किसी भी स्थान पर कार्रवाई करने में सक्षम है. यह बयान भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और वैश्विक रणनीतिक भूमिका की ओर इशारा करता है, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है.
धार्मिक आस्था से जुड़ा भावुक क्षण
मंदिर दर्शन के बाद नौसेना प्रमुख ने भावुक स्वर में कहा कि मां की कृपा से ही उन्हें यहां आने का अवसर मिला. उन्होंने बताया कि दर्शन के बाद उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई. मंदिर न्यास समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया, वहीं स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे. इस आध्यात्मिक यात्रा ने पूरे क्षेत्र में गर्व, श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति की भावना को और गहरा कर दिया.

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