पुराने रिश्ते की दुश्मनी में रची गई वारदात, दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म का खुलासा
हरलाडीह ओपी क्षेत्र में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. जांच में सामने आया कि वारदात पुराने निजी विवाद और आपसी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से की गई थी. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार किशोरों को निरुद्ध किया गया है.

Giridih: गिरिडीह जिले के हरलाडीह ओपी क्षेत्र में 25 जनवरी की रात दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. यह मामला शुरू से ही पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, क्योंकि पीड़िताओं के बयान के बावजूद आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी. जांच के दौरान सामने आया कि यह वारदात अचानक नहीं, बल्कि पुराने निजी विवाद और आपसी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि एक पीड़िता के पूर्व परिचित युवक ने अपमान और नाराजगी के चलते अन्य युवकों और किशोरों को उकसाया. इसी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया. मामले में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार किशोरों को बाल संरक्षण कानून के तहत निरुद्ध किया गया है. इस पूरे मामले की जानकारी खुद पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने दी है.
पहचान बन गई सबसे बड़ी चुनौती
घटना के बाद पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि रात का समय और अंधेरा होने के कारण वे आरोपियों को साफ तौर पर पहचान नहीं पाईं. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि सामने आने पर वे उन्हें पहचान सकती हैं. शुरुआती दौर में किसी ठोस सुराग के अभाव में यह मामला एक तरह से “ब्लाइंड केस” बन गया था. इसके बाद एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई. टीम में प्रशिक्षु डीएसपी, थाना प्रभारी, महिला पुलिसकर्मी और तकनीकी शाखा के कर्मियों को शामिल किया गया. घटनास्थल से लेकर आसपास के इलाकों, जतरा स्थल और संदिग्ध गतिविधियों की बारीकी से जांच की गई. एसपी खुद देर रात तक जांच की निगरानी करते रहे.
पुराना रिश्ता, नई दुश्मनी और साजिश की परतें
जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की लगातार बातचीत में एक अहम बात सामने आई. पता चला कि घटना से कुछ समय पहले पीड़िताओं में से एक की मुलाकात उसके पूर्व परिचित युवक से हुई थी. मेला के दौरान पहचान से इनकार किए जाने से वह युवक नाराज हो गया था. पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए उस युवक तक पहुंच बनाई, जो खुद नाबालिग निकला. बाल संरक्षण विभाग की मौजूदगी में पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसी के कहने पर अन्य युवकों और किशोरों ने वारदात को अंजाम दिया. यह मामला भावनात्मक ठेस और बदले की भावना से जुड़ा पाया गया.
चार गिरफ्तार, चार किशोर निरुद्ध
किशोर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने हरलाडीह निवासी राजेश मुर्मू, रविलाल टुडू, धनबाद जिले के संजय टुडू और सोहन टुडू को गिरफ्तार किया. वहीं साजिश में शामिल चार किशोरों को निरुद्ध किया गया है. पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि यह केस पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमवर्क और लगातार निगरानी से न सिर्फ घटना का खुलासा हुआ, बल्कि आरोपियों को भी पकड़ लिया गया. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में आगे की कार्रवाई तेजी से की जाएगी.

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