उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आई यह वारदात रिश्ते, भरोसे और प्रेम की भयावह हकीकत को उजागर करती है. नौ साल लंबे प्रेम प्रसंग के बाद 25 नवंबर 2025 को शादी के बंधन में बंधे जितेंद्र यादव और ज्योति की कहानी महज 62 दिनों में खून पर खत्म हो गई. 26 जनवरी की रात बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित कैलाशपुरम कॉलोनी में जितेंद्र का शव घर के अंदर वेंटिलेटर से लटका मिला. शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी. रिपोर्ट में साफ हुआ कि जितेंद्र की मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या से हुई थी. पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी ज्योति ने ही पति की जान ली और फिर मायके वालों की मदद से इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.
घर के अंदर मिला शव, स्टूल पर टिके थे पैर
26 जनवरी को जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दृश्य सामान्य आत्महत्या जैसा नहीं था. जितेंद्र यादव का शव वेंटिलेटर की ग्रिल से मफलर के सहारे लटका था, लेकिन उसके दोनों पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे. जीभ बाहर निकली हुई थी और शरीर पर संघर्ष के निशान भी दिख रहे थे. फॉरेंसिक टीम ने शुरुआती जांच में ही आशंका जता दी थी कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती. आमतौर पर फांसी के मामलों में शरीर का पूरा भार लटकता है, जबकि यहां ऐसा नहीं था. बावजूद इसके, परिजनों के आग्रह पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पुलिस ने जांच शुरू की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में सनसनी फैल गई. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया कि जितेंद्र की मौत दम घुटने यानी स्ट्रैंगुलेशन से हुई थी. गले पर दबाव के स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे यह साफ हो गया कि पहले हत्या की गई और बाद में शव को फंदे से लटकाया गया. इसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में दर्ज एफआईआर को हत्या की धाराओं में बदल दिया और जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई.
9 साल का रिश्ता, लेकिन शादी के बाद बढ़ा तनाव
पुलिस जांच और परिजनों के बयान में सामने आया कि जितेंद्र और ज्योति पिछले नौ साल से एक-दूसरे को जानते थे. लंबा इंतजार और पारिवारिक सहमति के बाद दोनों ने प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद से ही घर में विवाद शुरू हो गया. आरोप है कि ज्योति पति पर पैतृक संपत्ति बेचने, अपने नाम पर मकान और कार खरीदने का दबाव बना रही थी. मांग पूरी न होने पर दहेज केस में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी, जिससे जितेंद्र मानसिक दबाव में था.
ऑनलाइन जुए से शुरू हुआ झगड़ा, हत्या तक पहुंची बात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 26 जनवरी को ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई. विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में ज्योति ने जितेंद्र का गला दबा दिया. कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई. इसके बाद ज्योति ने अपने माता-पिता को बुलाया और तीनों ने मिलकर हत्या को आत्महत्या दिखाने की योजना बनाई.
CDR और CCTV से फंसी पत्नी
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले. सामने आया कि घटना के बाद ज्योति ने सबसे पहले पुलिस या ससुराल वालों को नहीं, बल्कि अपने मायके पक्ष को फोन किया था. इसके अलावा इलाके के सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग से भी कई अहम सुराग मिले. सख्ती से पूछताछ करने पर ज्योति टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
मां-बाप गिरफ्तार, भाई की तलाश जारी
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर इज्जतनगर पुलिस ने 31 जनवरी को ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में तीनों की भूमिका सामने आई. पुलिस का कहना है कि हत्या में ज्योति का भाई भी शामिल था, जिसकी तलाश की जा रही है. फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस का दावा है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है.

