धनबाद में पिछले रविवार देर रात सिंह मेंशन स्थित झरिया की विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह के आवास पर दो सुतली बम फेंके जाने से इलाके में भय और असमंजस की स्थिति बन गई। स्थानीय समयानुसार रात लगभग 11:30 से 12 बजे के बीच बाइक सवार अपराधियों ने आवास के मुख्य द्वार के पास तथा आवास परिसर के अंदर बम फेंके, जिससे तेज धमाके हुए और आसपास के लोग सहम गए। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. इस वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा पर्चा तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें अमन सिंह गिरोह के नाम पर जिम्मेदारी लेने और रंगदारी तथा आतंक फैलाने की बात कही गई है। संजीव सिंह ने इस वायरल पर्चे को लेकर सवाल उठाया है।
बमबारी की रात: कैसे हुआ हमला
रविवार रात, धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के सिंह मेंशन पर अचानक दो धमाके सुनाई दिए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार अपराधी सायं करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच बाइक पर सवार होकर पहुंचे और एक बम मुख्य गेट के अंदर तथा दूसरा बम उसके ठीक बाहर गिराया। बमों के फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में लोग घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान पूर्व विधायक संजीव सिंह, विधायक रागिनी सिंह और उनके परिवार के सदस्य परिसर के भीतर मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित रहे। पुलिस ने मौके से खाली सुतली बम के अवशेष बरामद किए हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है, जिससे हमलावरों की पहचान की कोशिश जारी है।
वायरल पर्चा और गिरोह का दावा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा पर्चा वायरल हुआ है, जिसमें अमन सिंह गिरोह के सदस्य शंकर सिंह ने इस बमबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पर्चे में कहा गया है कि “जिस जमीन पर अमन का खून बहा है, उसे बंजर कर देंगे” तथा धनबाद के कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े व्यापारियों से रंगदारी देने की मांग की गई है। इसमें यह भी लिखा गया है कि जो विरोध करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। यह पर्चा लेकर चर्चा तेज है, लेकिन पुलिस फिलहाल इसकी प्रामाणिकता को लेकर पुष्टि नहीं कर पा रही है और जांच के तहत पर्चा के स्रोत तथा वास्तविकता की पड़ताल कर रही है। ऐसे धमकी भरे संदेश इलाके में डर का माहौल पैदा कर रहे हैं और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
संजीव सिंह ने क्यों उठाए सवाल?
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने इस वायरल पर्चे की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धमाके के कुछ ही सेकंड के भीतर सुरक्षा और लोग गेट के पास पहुंच गए थे, पर उस वक्त वहां कोई भौतिक पर्चा मौजूद नहीं था। उनका तर्क है कि अगर घटना स्थल पर पर्चा था ही नहीं, तो वह सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुआ और किस तरीके से कैमरे तथा किसी ने उसे संग्रहित किया। संजीव सिंह ने पुलिस को घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान तथा अन्य सबूत उपलब्ध कराए हैं और मांग की है कि इस भ्रामक दावे की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि इसे केवल चुनावी मंशा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि आपराधिक तत्वों के कदम के रूप में जांचा जाना चाहिए।
जांच की दिशा
धमाके की सूचना मिलते ही धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिसमें सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी शामिल हैं, मौके पर पहुंचे और विस्तृत जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके का घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ आसपास के दायरे में मौजूद फुटेज खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम ने बम के अवशेष, बाइक के संभावित निशान और गवाहों के बयान इकट्ठा किए हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया गया है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है, खासकर चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को ध्यान में रखते हुए।
राजनीति, चुनाव और सुरक्षा की चिंता
इस बमबाजी की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब धनबाद में नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी चल रही है और पूर्व विधायक संजीव सिंह भी मेयर पद के लिए नामांकन करने वाले हैं। ऐसे में यह हमला न सिर्फ सुरक्षा चुनौती बन गया है बल्कि राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठा रहा है कि इसका मकसद चुनावी रणनीति, दबाव या भय फैलाना तो नहीं है। स्थानीय लोगों में भी चिंता का वातावरण है, क्योंकि सिंह मेंशन इलाके के प्रमुख नेताओं के आवास के रूप में जाना जाता है और इसे लेकर पहले भी राजनीतिक और सुरक्षा घटनाएं चर्चा में रहीं हैं। पुलिस प्रशासन इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रहा है ताकि स्पष्ट रूप से घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और अगर कोई साजिश है तो दोषियों को पकड़कर न्याय दिलाया जा सके।

