दावोस में झारखंड को निवेश का नया प्रस्ताव, वेलस्पन वर्ल्ड ने ₹300 करोड़ के प्लास्टिक उद्योग निवेश में दिखाई रुचि
“दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान झारखंड को निवेश के नए प्रस्ताव मिले हैं. वेलस्पन वर्ल्ड ने राज्य में प्लास्टिक उद्योग क्षेत्र में ₹300 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई है. इसके साथ ही कंपनी ने क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश को लेकर रुचि दिखाई है.”
दावोस में चल रहे World Economic Forum के दौरान झारखंड के औद्योगिक विकास को लेकर एक अहम पहल सामने आई है. मुख्यमंत्री Hemant Soren और Welspun World के संस्थापक एवं चेयरमैन B. K. Goenka के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में प्लास्टिक उद्योग क्षेत्र में लगभग ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही कंपनी ने क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश को लेकर अपनी रुचि जाहिर की. यह पहल झारखंड को औद्योगिक निवेश के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
देवघर में प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क में निवेश की संभावना
बैठक के दौरान राज्य सरकार की ओर से वेलस्पन वर्ल्ड के प्रतिनिधियों को देवघर में प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क की विस्तृत जानकारी दी गई. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह पार्क पीवीसी आधारित प्लास्टिक उद्योग के लिए अनुकूल आधारभूत संरचना और संसाधन उपलब्ध करा सकता है. वेलस्पन वर्ल्ड ने इस प्रस्ताव में गहरी रुचि दिखाते हुए संकेत दिया कि कंपनी जल्द ही झारखंड का दौरा कर स्थल निरीक्षण और तकनीकी अध्ययन करेगी. यदि यह निवेश धरातल पर उतरता है, तो इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी.
क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी फोकस
प्लास्टिक उद्योग के अलावा वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को भी टटोला. बैठक में राज्य प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद स्थित लॉजिस्टिक पार्क, राज्य में उपलब्ध वेयरहाउसिंग और स्टोरेज सुविधाओं की जानकारी साझा की. कंपनी ने इन क्षेत्रों को दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया. दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर लगातार संवाद जारी रखा जाएगा, ताकि इन्हें व्यावहारिक रूप से आगे बढ़ाया जा सके.
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
दावोस में हुई यह बैठक झारखंड के लिए औद्योगिक निवेश के नए अवसर खोलती है. ₹300 करोड़ के संभावित निवेश से न सिर्फ राज्य की औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी. सरकार का मानना है कि ऐसे निवेश प्रस्ताव झारखंड को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेंगे. आने वाले समय में इन चर्चाओं के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद की जा रही है.

