पुराने वोटर लिस्ट से निकाय चुनाव पर सवाल, बाबूलाल मरांडी ने कहा- गंभीर अलोकतांत्रिक मुद्दा
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची पर कराए जाएं, ताकि हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे.
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची पर कराए जाएं, ताकि हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे.
UGC के नए नियमों पर बढ़ते विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और कानून का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा.
गणतंत्र दिवस पर पलामू में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड की लड़कियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता देने के प्रस्ताव की जानकारी दी. योजना अभी लागू नहीं हुई है और इसके लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है.
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा को लेकर बाबूलाल मरांडी ने तीखा हमला बोला. गणतंत्र दिवस से दूरी, कानून-व्यवस्था और राज्य की बदहाली पर सवाल उठाए.
रूसी तेल की खरीद घटने के बाद अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटाने के संकेत दिए हैं. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इसे अमेरिकी नीति की सफलता बताया.
केरल के तिरुवनंतपुरम दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा राजनीतिक दावा किया. पीएम मोदी ने कहा कि जैसे 1987 में अहमदाबाद के बाद भाजपा ने गुजरात जीता, वैसे ही अब तिरुवनंतपुरम से केरल में भाजपा सरकार की नींव पड़ चुकी है.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ईरान में हालिया अशांति विदेशी साजिश का नतीजा है. उनके बयान से मध्य-पूर्व की राजनीति में नया तनाव उभर आया है.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की, लेकिन पार्टी ने तुरंत उनके बयान से दूरी बना ली. प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि यह कदम निजी था और पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं दर्शाता. अब केसी त्यागी की जेडीयू में भूमिका सीमित हो गई है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.