झारखंड में बेटियों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपये, तैयार है Proposal
“गणतंत्र दिवस पर पलामू में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड की लड़कियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता देने के प्रस्ताव की जानकारी दी. योजना अभी लागू नहीं हुई है और इसके लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है.”

Palamu: गणतंत्र दिवस के मौके पर पलामू में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान झारखंड सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव की जानकारी सामने आई है. राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की लड़कियों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया गया है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना अभी लागू नहीं हुई है और फिलहाल इस संबंध में केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है. वित्त मंत्री ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में इस प्रस्ताव को रखा गया था. सरकार का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय सहमति और प्रक्रिया पूरी होना बाकी है. इस घोषणा को भविष्य की योजना के तौर पर देखा जा रहा है, न कि तत्काल लागू योजना के रूप में.
केंद्र से मांगी गई सहायता
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड सरकार ने राज्य की लड़कियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन अभी तक इस योजना के लिए राशि स्वीकृत नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया है और फिलहाल उस पर विचार की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना को लागू करने से पहले केंद्र और राज्य स्तर पर वित्तीय स्वीकृति जरूरी है. सरकार का लक्ष्य बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में सहयोग देना है.
कृषि, केंद्रीय सहायता और भारत रत्न की मांग पर भी रखी बात
गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने पलामू क्षेत्र की कृषि स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जिले में धान की खरीद की गति संतोषजनक नहीं है और प्रशासन को इसमें तेजी लाने के लिए कदम उठाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पलामू जैसे क्षेत्रों के लिए मिलने वाली विशेष केंद्रीय सहायता को बंद किया गया है, जिसे दोबारा शुरू करने की जरूरत है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाना स्वागतयोग्य है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग पहले ही केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है.

