RIMS को मिला नया नेतृत्व, डॉ. डीके सिन्हा बने नए निदेशक
रांची स्थित रिम्स में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेन्द्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को संस्थान का नया कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया है।
रांची स्थित रिम्स में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेन्द्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को संस्थान का नया कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया है।
झारखंड से राज्यसभा सांसद चुने गए Parimal Nathwani ने गुरुवार को संसद भवन में सदस्यता की शपथ लेकर अपने चौथे कार्यकाल की शुरुआत की। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने वाले नाथवानी ने इसे सम्मान और जिम्मेदारी का क्षण बताते हुए झारखंड के विकास के लिए काम जारी रखने का संकल्प दोहराया।
रिम्स में कथित एडमिशन घोटाले और टेंडर अनियमितताओं की सीआईडी जांच के बीच बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। सात घंटे तक चली पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,
रांची के बर्लिन जनरल हॉस्पिटल में कथित रूप से घुसकर डॉक्टर के साथ मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है. अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर अरगोड़ा थाना में FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद कुरियन ने मंत्री पद छोड़ा, जिससे केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है.
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कई छात्र प्रभावित हुए, जबकि राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया।
क्या झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपने ही जाल में फंस गई? क्या क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाकर कांग्रेस असली सवालों से बचना चाहती है? और सबसे बड़ा सवाल, क्या महागठबंधन के भीतर अब भरोसा बचा है?
क्या झारखंड में महागठबंधन का भरोसा टूट गया है? राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस, राजद और माले के बीच खुली बयानबाजी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह सिर्फ नाराजगी है या फिर किसी नए राजनीतिक खेला की शुरुआत? जानिए बदलते समीकरणों का पूरा विश्लेषण.
झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी नई खींचतान शुरू कर दी है. चुनाव में संख्याबल के लिहाज से कमजोर माने जा रहे एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया

झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों में झामुमो के बैद्यनाथ राम ने 31 वोटों के साथ पहली सीट पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने 28 वोट पाकर दूसरी सीट हासिल की। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 21 वोट मिले.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू हो गई है. रांची विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक मौजूद हैं और नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं. दोनों खेमे अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि दूसरी सीट के परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है. मतदान के बाद भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने दावा किया कि उन्हें सभी विधायकों का समर्थन प्राप्त है. अब चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है और सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं.