ग्राम सभा कमजोर, माफिया मजबूत? पेसा पर मरांडी ने उठाए तीखे सवाल
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है. जेएसएससी सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से चंदा इकट्ठा करने पर दिए गए बयान को लेकर विपक्ष आक्रामक हो गया है.

पेसा से जुड़े कैबिनेट प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून की वास्तविक जानकारी जनता से छुपाई जा रही है.
बाबूलाल मरांडी ने रिम्स की भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए, उनकी स्थिति सबके सामने है, लेकिन सरकार की ओर से न तो उन्हें मुआवजा दिया गया और न ही किसी ने हालचाल जानने की जरूरत समझी.
जमशेदपुर में अवैध बालू खनन पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि बालू से होने वाली काली कमाई रोकने के डर से सरकार पेसा नियमावली लागू नहीं कर रही है और माफिया–प्रशासन गठजोड़ राज्य को लूट रहा है.
किताब के मुताबिक 2002 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले BJP नेतृत्व चाहता था कि वाजपेयी राष्ट्रपति पद स्वीकार कर लें और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी लालकृष्ण आडवाणी को सौंप दें. टंडन के मुताबिक, यह सुझाव पार्टी स्तर पर गंभीरता से उठाया गया था, लेकिन वाजपेयी ने इसे तुरंत ठुकरा दिया.
छात्रवृति के मामले में बीजेपी ओबीसी छात्रों को गुमराह कर रही है. केंद्र सरकार स्वयं राज्य को छात्रवृत्ति की अदायगी के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं करा रही है, फिर भी भाजपा नेता इस विषय पर संवेदना बटोरने की राजनीति कर रहे हैं.
राधाकृष्ण किशोर ने बाबूलाल मरांडी के सामने हाथ जोड़ दिये. कहा हमलोग हार गये. प्रार्थना है कि आप झारखंड का पैसा हमें दिलवाइये.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में हुए कथित शराब घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है. बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बार फिर किसी सरकारी अधिकारी को बलि का बकरा बनाकर खुद को बचाने की तैयारी में हैं.
जुलाई महीने में सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि दिल्ली स्थित नये झारखंड भवन में अब माननीयों की सिफारिश पर कमरा नहीं मिलेगा. ऑफिशियल और पर्सनल काम से दिल्ली जाने वाले लोग जो मंत्री, सांसद या विधायकों की सिफारिश पर झारखंड भवन में कमरा लेकर ठहरते थे उन्हें अब वहां कमरा नहीं मिलेगा.
आगामी सत्र को सुचारु, गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से बुलाई गई, इस बैठक में राज्य की सत्ता और विपक्ष-दोनों पक्षों के शीर्ष नेता उपस्थित रहे.