SC की सख्त टिप्पणी: लिव-इन रिश्ता टूटने पर हर मामला रेप नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप और सहमति से बने संबंधों को लेकर सोमवार को अहम टिप्पणी की. न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि दो बालिग आपसी सहमति से लंबे समय तक साथ रहते हैं, तो बाद में रिश्ता टूटने को अपने आप में आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता.





