जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड का खुलासा: दान पेटी चोरी के बाद गार्ड की पत्थर से हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
“जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या और दान पेटी चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है”

रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या और दान पेटी चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
24 अप्रैल को हुई थी वारदात
यह घटना 24 अप्रैल 2026 की है। पुलिस के मुताबिक, देर रात तीनों आरोपी मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी का ताला तोड़कर नकदी चुरा ली। इसी दौरान वहां ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें पहचान लिया। पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने गार्ड पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस संबंध में धुर्वा थाना में कांड संख्या 88/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को मिली सफलता
घटना के बाद एसआईटी ने मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी और हत्या दोनों वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
सभी आरोपी जगन्नाथपुर न्यू कॉलोनी के निवासी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगन्नाथपुर स्थित न्यू कॉलोनी निवासी देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता के रूप में हुई है। तीनों रांची जिले के ही रहने वाले हैं।
आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 3 लाख 97 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल खून से सना पत्थर, घटना के दौरान पहने गए कपड़े, गमछा, दान पेटी का ताला तोड़ने में इस्तेमाल लोहे की रॉड, चोरी के पैसे से खरीदे गए नए कपड़े और उनकी खरीद की रसीद भी जब्त की गई है।
पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी देव कुमार उर्फ रचित कुमार पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं विकास महली का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस अब तीनों आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है।

