रांची में नाबालिग से दुष्कर्म के दो मामले, नामकुम में आरोपी गिरफ्तार
रांची में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है. कोतवाली थाना क्षेत्र के बाद अब नामकुम इलाके में भी ऐसा मामला दर्ज हुआ है.
रांची में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है. कोतवाली थाना क्षेत्र के बाद अब नामकुम इलाके में भी ऐसा मामला दर्ज हुआ है.

झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें कुल 53 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम कटने का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुका है. Supreme Court of India ने उन लाखों लोगों को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है, जिनके नाम स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे.
रांची में ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और उसकी CBI जांच को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं आया और अगली तारीख एक सप्ताह बाद तय की गई है.
बोकारो का बहुचर्चित पुष्पा हत्याकांड लगातार सुर्खियों में है. झारखंड हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मृतका का कंकाल बरामद किया, जिससे मामले में नया मोड़ आ गया. इस बीच एसपी हरविंदर सिंह ने पिंड्राजोड़ा थाना के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर बड़ा कदम उठाया है.
झारखंड हाईकोर्ट में रांची के सुखदेवनगर अतिक्रमण हटाव मामले को लेकर अहम सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई. यह मामला महादेव उरांव द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है.
रांची, धनबाद और साहिबगंज के सिविल कोर्ट को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे झारखंड में हड़कंप मच गया है. सोमवार (6 अप्रैल) को ईमेल के जरिए भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं.

साहिबगंज कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. 10 दिनों में दूसरी बार आए ईमेल के बाद कोर्ट परिसर खाली कराया गया और बम स्क्वॉड ने सघन जांच की.

झारखंड हाईकोर्ट ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग वाली PIL को खारिज कर दिया. कोर्ट ने इसे सरकार का नीतिगत मामला बताते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया.

साहिबगंज के 1250 करोड़ रुपये के अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी दाहू यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
टेंडर घोटाले और कथित करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव (पीए) संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाओं पर विचार करते हुए तत्काल जमानत देने से इनकार कर दिया.
पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना ने देश की न्यायिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.