60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग खारिज, हाईकोर्ट ने PIL किया निष्पादित
“झारखंड हाईकोर्ट ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग वाली PIL को खारिज कर दिया. कोर्ट ने इसे सरकार का नीतिगत मामला बताते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया.”

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) को निष्पादित कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने का निर्णय सरकार का नीतिगत मामला है, जिसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता. चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वे अपनी मांग को उचित तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार के समक्ष रख सकते हैं.
क्या थी याचिका में मांग
जनहित याचिका में मांग की गई थी कि 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना के तहत शामिल किया जाए. याचिकाकर्ता का तर्क था कि भारत में रिटायरमेंट की सामान्य उम्र 60 वर्ष है और इस उम्र के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, इसलिए इस वर्ग को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलना जरूरी है. खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को योजना का लाभ देने का निर्णय पूरी तरह से सरकार की नीति पर आधारित है. चूंकि याचिका में योजना के कार्यान्वयन में किसी प्रकार के भेदभाव का आरोप नहीं लगाया गया था, इसलिए न्यायालय ने इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा.
याचिकाकर्ता को दी गई यह छूट
हालांकि अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि वे अपनी मांग को लेकर नीति-निर्माताओं के पास जा सकते हैं. इसके लिए उन्हें जरूरी आंकड़े और तथ्यों के साथ एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना होगा. याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि 60 से 70 वर्ष के बीच के बुजुर्ग इस योजना के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं, जबकि उन्हें भी स्वास्थ्य सेवाओं की उतनी ही आवश्यकता होती है. इस वर्ग के लोगों के लिए अलग से प्रावधान करने की मांग की गई थी.
कितने लोगों को मिल रहा लाभ
जानकारी के अनुसार, सितंबर 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 6 करोड़ बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है. सरकार का उद्देश्य इस आयु वर्ग को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान करना है.
हाईकोर्ट का यह फैसला साफ करता है कि नीतिगत मामलों में न्यायालय सीमित दखल ही देता है. हालांकि 60+ आयु वर्ग को योजना में शामिल करने की बहस अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले समय में इस पर सरकार के स्तर पर विचार किया जा सकता है.

