झारखंड निकाय चुनाव: बागी नेताओं पर बीजेपी सख्त, शो-कॉज नोटिस की तैयारी
झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पार्टी लाइन से हटकर चुनाव लड़ने या अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करने वाले नेताओं पर सख्त रुख अपना लिया है.
झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पार्टी लाइन से हटकर चुनाव लड़ने या अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करने वाले नेताओं पर सख्त रुख अपना लिया है.
कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान मंत्री अनिल विज और एसपी उपासना सिंह के बीच सस्पेंशन आदेश को लेकर तीखी बहस हो गई. जमीन विवाद से जुड़े मामले में विज ने एक पुलिस जवान को सस्पेंड करने का निर्देश दिया, लेकिन एसपी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया.
लातेहार नगर पंचायत चुनाव से पहले विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी ने प्रत्याशी बिलासी देवी के पति और सरकारी कर्मचारी निलेश टोप्पो पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से उन्हें पदमुक्त या तबादला करने की मांग की है.
पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रहे दुलाल भुइयां 15 फरवरी को शिवरात्रि के दिन बीजेपी में शामिल होंगे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि JMM को हाईजैक कर लिया गया है और पार्टी की दिशा बदल चुकी है.
राजधानी रांची में कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया और आने-जाने वालों की जांच की.
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र से आईईडी विस्फोट की खबर सामने आई है. तिरीलपोशी जंगल में हुए इस धमाके में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
झारखंड में चल रहे नगर निकाय चुनाव के बीच राजनीतिक गठबंधनों के साथ-साथ अब पार्टियों के भीतर की खींचतान भी खुलकर सामने आने लगी है. बीजेपी में भी अंदरूनी असंतोष और नाराजगी के संकेत मिल रहे हैं.
निकाय चुनाव से पहले लाइसेंसी हथियार जमा नहीं कराने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भय और आतंक के माहौल में चुनाव कराना चाहती है और तत्काल आदेश जारी करने की मांग की.
नगर निकाय चुनाव 2026 के बीच मंईयां योजना को लेकर सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आचार संहिता लागू रहते सरकार के इशारे पर 20 हजार लोन से जुड़ी खबरें छपवाकर वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश की गई.
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. माइक्रो ऑब्जर्वर की सूची देने में देरी पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने 8,505 अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए.
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के जवाब के बिना पारित हो गया. 2004 के बाद यह पहली बार हुआ. वहीं, राज्यसभा में राहुल गांधी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.