निकाय चुनाव से पहले हथियार जमा नहीं, BJP बोली— “भय और बंदूक के साए में चुनाव कराना चाहती है सरकार”
निकाय चुनाव से पहले लाइसेंसी हथियार जमा नहीं कराने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भय और आतंक के माहौल में चुनाव कराना चाहती है और तत्काल आदेश जारी करने की मांग की.

Ranchi: नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निकाय चुनाव से पहले अब तक लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, जो चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में 23 फरवरी को 48 नगर निकाय क्षेत्रों में चुनाव होने हैं और कई जगहों पर चुनाव प्रचार भी शुरू हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने लाइसेंसधारी हथियार धारकों से थानों में हथियार जमा कराने का आदेश जारी नहीं किया. उन्होंने इसे सरकार की “खतरनाक लापरवाही” करार दिया.
“गोली-बंदूक के साए में चुनाव कराना चाहती है सरकार” — आदित्य साहू
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हथियार जमा नहीं कराने से यह साफ संदेश जा रहा है कि सरकार भय, आतंक और दबाव के माहौल में चुनाव कराना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले से ही अपराधियों का मनोबल ऊंचा है और सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है. आदित्य साहू ने कहा कि यही संरक्षण आगे चलकर सत्ताधारी दल के समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव में फायदा पहुंचाने का जरिया बन सकता है. इससे आम मतदाता खुद को असुरक्षित महसूस कर सकता है और निष्पक्ष मतदान प्रभावित हो सकता है.
राज्य सरकार से तत्काल निर्देश जारी करने की मांग
आदित्य साहू ने राज्य सरकार से मांग की कि अविलंब सभी लाइसेंसी हथियारों को संबंधित थानों में जमा कराने का स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए, ताकि नगर निकाय चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो सके. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया, तो यह चुनाव आयोग की मंशा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया दोनों के खिलाफ होगा.

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