परिसीमन पर आमने-सामने दो आदिवासी नेता, समीर उरांव के आरोपों पर बंधु तिर्की का पलटवार
झारखंड में परिसीमन को लेकर सियासत गर्म है. आदिवासी एकता महाजुटान के बाद इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है
झारखंड में परिसीमन को लेकर सियासत गर्म है. आदिवासी एकता महाजुटान के बाद इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है
आदिवासी महाजुटान के बाद ग्लाइडसन डुंगडुंग ने बंधू तिर्की की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए. डुंगडुंग का दावा है कि रैली को कांग्रेस के रंग में ढाल दिया गया और हेमंत सोरेन को बुलाने का भी विरोध किया गया था.
केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रांची डीसी कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने झारखंड के खनिज राजस्व में राज्य के हिस्से को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए केंद्र से पुनर्विचार की मांग की. दयामनी बारला ने MMDR संशोधन कानून पर भी सवाल उठाए.
झारखंड सरकार और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच हुए समझौते (MoU) के साथ राज्य में फिल्म एवं मीडिया शिक्षा को नई दिशा मिली है.
कथित झारखंड शराब घोटाले की जांच के तहत पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव मंगलवार को ईडी के रांची कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ शुरू हो गई है. एक दिन पहले उनके बेटे रोहित उरांव से भी कई घंटों तक पूछताछ हुई थी.
झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने एआईसीसी प्रभारी के. राजू से मुलाकात कर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की सुरक्षा और समानुपातिक बढ़ोतरी की मांग उठाई.
लोहरदगा के भंडरा प्रखंड स्थित हाटी गांव की ग्राम सभा ने पेसा कानून के तहत गांव की सीमा पर सूचना बोर्ड लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया. ग्राम सभा ने इसे परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
"परिसीमन का आदिवासी समाज पर प्रभाव एवं संभावित समाधान" विषय पर आयोजित सेमिनार में आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आगामी परिसीमन को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। वक्ताओं ने कहा कि यदि परिसीमन के कारण अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में कटौती की गई
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है. दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं और इसी वजह से जोड़-तोड़, बाड़ेबंदी और विधायकों के संपर्क में होने के दावों ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है.
IRS निशा उरांव ने झारखंड के लोहरदगा जिले में आदिवासी परंपराओं, ग्राम सभा के अधिकारों और धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं. उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के किसी भी गांव में 'चंगाई सभा' आयोजित नहीं की जानी चाहिए.

झारखंड में सरना, सनातन, ईसाई पहचान और डिलिस्टिंग को लेकर बहस तेज हो गई है. चंपई सोरेन के बयान के बाद आदिवासी समाज के भीतर धर्मांतरण, आरक्षण, संवैधानिक अधिकार और सांस्कृतिक पहचान पर नए सवाल खड़े हो गए हैं. क्या यह आदिवासी अस्मिता बचाने की लड़ाई है या समाज के भीतर बढ़ती वैचारिक दरार?

बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर समाज को विभाजित करने का आरोप लगाया और कहा कि सरना और सनातन के बीच अंतर बताने की राजनीति झारखंड के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास है।