दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर हेमंत सोरेन का भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर साझा की यादें
हेमंत सोरेन ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपने पिता को कई बार थका हुआ देखा, लेकिन कभी टूटते नहीं देखा. उनकी अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प आज भी उनके भीतर जीवित है.









