बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए सरकार के संरक्षण में काम कर रहे भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी जमीन पर फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे हो गई और म्यूटेशन इतनी आसानी से कैसे कर दिया गया, जबकि आम आदमी को इसके लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है.
गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने देवघर जिले के मोहनपुर थाना में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया है.
झारखंड में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग एक व्यापक पहल करने जा रहा है. 24 दिसंबर को राज्यभर के विद्यालयों में विशेष अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्रों की पढ़ाई, उपस्थिति और समग्र शैक्षणिक विकास को लेकर मंथन होगा.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मिलना कांग्रेस हाईकमान से मिलने की तुलना में ज्यादा मुश्किल है. बीजेपी अपने फैसले भी सार्वजनिक नहीं करती और जमीनी स्तर के नेताओं से चर्चा के बिना ही निर्णय ले लिए जाते हैं.

मडुआ का दर बाजार दर के अनुसार ही तय किया जाएगा. धान अधिप्राप्ति केंद्र की तरह ही मडुआ अधिप्राप्ति केंद्र भी खोला जा रहा है. विभाग ने पहले चरण में गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिला को इसके लिए चिन्हित किया है.
छात्रवृति के मामले में बीजेपी ओबीसी छात्रों को गुमराह कर रही है. केंद्र सरकार स्वयं राज्य को छात्रवृत्ति की अदायगी के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं करा रही है, फिर भी भाजपा नेता इस विषय पर संवेदना बटोरने की राजनीति कर रहे हैं.
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार दूसरे दिन S.I.R समेत चुनाव सुधारों पर चर्चा के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. शाह ने कहा, "मैं बहुत साफतौर कहता हूं कि इस सदन में SIR पर चर्चा नहीं हो सकती.
झारखंड की राजधानी रांची और उपराजधानी दुमका में राजभवन बने हुए हैं. दोनों राजभवनों का आधिकारिक नाम ‘लोक भवन’ किया गया है, लेकिन अब झारखंड सरकार केंद्र के इस फैसले को बदलना चाहती है.
जुलाई महीने में सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि दिल्ली स्थित नये झारखंड भवन में अब माननीयों की सिफारिश पर कमरा नहीं मिलेगा. ऑफिशियल और पर्सनल काम से दिल्ली जाने वाले लोग जो मंत्री, सांसद या विधायकों की सिफारिश पर झारखंड भवन में कमरा लेकर ठहरते थे उन्हें अब वहां कमरा नहीं मिलेगा.