
झारखंड राज्यसभा चुनाव: रैडिसन ब्लू में 'कैद' रहेंगे NDA विधायक! परिमल नाथवानी के लिए क्यों बनानी पड़ी ये रणनीति?
झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले NDA ने बड़ी रणनीति बनाई है। विधायक रांची के रैडिसन ब्लू में ठहरेंगे, बढ़ी सियासी हलचल।

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले NDA ने बड़ी रणनीति बनाई है। विधायक रांची के रैडिसन ब्लू में ठहरेंगे, बढ़ी सियासी हलचल।
झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. महागठबंधन की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार बनाए गए प्रणव झा अपने समर्थन में अधिक से अधिक वोट सुनिश्चित करने के लिए लगातार सहयोगी दलों के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं.
झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाकपा (माले) के केंद्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि देश में विपक्षी दलों को कमजोर कर एकतरफा राजनीतिक व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा शनिवार को भाकपा-माले के राज्य कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस दौरान राज्यसभा चुनाव की रणनीति, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है. झामुमो ने अपने विधायकों को लेकर भरोसा जताते हुए एकजुटता का दावा किया है, जबकि भाजपा ने महागठबंधन पर तंज कसते हुए एनडीए उम्मीदवार की जीत का दावा किया है. राजद की अनुपस्थिति और भीतरघात की अटकलों ने सियासत को और तेज कर दिया है.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यसभा चुनाव से पहले अपने परिवार के साथ रांची जिले के तमाड़ स्थित प्रसिद्ध मां देउड़ी मंदिर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने पत्नी कल्पना सोरेन और बच्चों के साथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति, समृद्धि और विकास की कामना की.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले दो दिनों से जारी राजनीतिक सस्पेंस आखिरकार काफी हद तक साफ हो गया है. निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर उठी आपत्तियों और लंबी सुनवाई के बाद उनके नामांकन को वैध माना गया है.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से लेकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गया है.
झारखंड राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज की गई है. नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों के चलते उनके नामांकन को फिलहाल “होल्ड” पर रख दिया गया है
नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहीं. महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि उद्योगपति परिमल नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरते हुए नामांकन किया.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है और राजनीतिक दलों के साथ-साथ राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजरें भी इस दिन पर टिकी हैं