राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी, बैजनाथ राम और प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन, मुकाबला हुआ दिलचस्प
नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहीं. महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि उद्योगपति परिमल नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरते हुए नामांकन किया.

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहीं. महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि उद्योगपति परिमल नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरते हुए नामांकन किया. नामांकन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न दलों के विधायक, मंत्री और वरिष्ठ नेता विधानसभा पहुंचते रहे. तीन प्रमुख उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के साथ ही राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है. खासकर परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. अब सभी की निगाहें 18 जून को होने वाले मतदान और उससे पहले राजनीतिक दलों की रणनीति पर टिकी हैं.
भाजपा नेताओं के साथ दिखे परिमल नाथवानी
नामांकन से पहले भाजपा सचेतक नवीन जायसवाल के आवास पर भाजपा विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में परिमल नाथवानी भी शामिल हुए और पार्टी नेताओं से मुलाकात की. बैठक के बाद वे भाजपा विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. नाथवानी की भाजपा नेताओं के साथ मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि भाजपा ने अभी तक उनके समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके साथ पार्टी नेताओं की सक्रियता ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है.
विधानसभा पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिमल नाथवानी पहले भी झारखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल संख्या बल ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार द्वारा किए गए कार्यों और योगदान को भी महत्व दिया जाना चाहिए. मरांडी ने भले ही खुलकर समर्थन की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान को नाथवानी के पक्ष में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा का आधिकारिक रुख राज्यसभा चुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.
बैजनाथ राम और प्रणव झा ने पूरी तैयारी के साथ भरा पर्चा
महागठबंधन उम्मीदवार बैजनाथ राम ने दो सेट में अपना नामांकन दाखिल किया. दोनों सेटों में 10-10 विधायकों के हस्ताक्षर प्रस्तावक के रूप में शामिल किए गए हैं. इससे महागठबंधन की एकजुटता का प्रदर्शन भी देखने को मिला. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने एक सेट में अपना नामांकन दाखिल किया. उनके प्रस्तावकों में प्रदीप यादव, राजेश कच्छप, राधाकृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, नमन विक्सल कोनगाड़ी, भूषण बाड़ा, सुरेश बैठा और कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह शामिल रहे. अब 18 जून को होने वाले मतदान पर सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजरें टिकी हैं.

