रांची: सुजाता चौक पर अवैध वसूली का वीडियो वायरल, PCR चालक सस्पेंड
राजधानी रांची के सुजाता चौक पर पुलिसकर्मी द्वारा बालू लदे ट्रक से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है. रविवार रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ
राजधानी रांची के सुजाता चौक पर पुलिसकर्मी द्वारा बालू लदे ट्रक से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है. रविवार रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ
लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में अवैध बालू उठाव की जांच के दौरान अंचल अधिकारी पंकज कुमार भगत पर हमला किया गय. इस घटना में सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ. मामले में तीन नामजद समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
सादे लिबास में ग्राहक बनकर पहुंचे कोतवाली डीएसपी ने हथियार तस्करों के जाल में घुसकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. हिंदपीढ़ी इलाके में चल रहे अवैध हथियारों के कारोबार का पर्दाफाश करते हुए रांची पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है.
गढ़वा पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अब तक की जिले की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब से भरे एक कंटेनर ट्रक को जब्त किया है. यह कार्रवाई मेराल थाना क्षेत्र में एनएच-39 पर की गई.
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए सरकार के संरक्षण में काम कर रहे भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी जमीन पर फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे हो गई और म्यूटेशन इतनी आसानी से कैसे कर दिया गया, जबकि आम आदमी को इसके लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है.
कोयला कारोबारी मनोज अग्रवाल के धनसार और भेलाटांड स्थित आवास एवं कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की गई. सुबह करीब 7:30 बजे ईडी की चार गाड़ियां केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंचीं और पूरे परिसर को घेर लिया.
BJP ने राज्य सरकार, रांची नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. पार्टी के प्रवक्ता अजय साह ने दावा किया कि राजधानी में सरकारी प्रणाली का दुरुपयोग कर जमीन की संगठित लूट चल रही है.
नई सरकार आने के साथ ही प्रशासन का रवैया कड़ा हुआ और अवैध निर्माणों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई. नालंदा से लेकर पटना तक सरकारी जमीन पर बने तमाम ढांचों को गिराए जाने से हड़कंप मचा हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय निकाय द्वारा पास नक्शा से हटकर हुए निर्माण और बिना नक्शा स्वीकृति के हुए निर्माण को नियमित करके ऐसा करने वालों को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता.

इस बार कोयलांचल में एलबी सिंह और हरेंद्र सिंह जैसे धनकुबेरों की एंट्री हुई है. हालांकि जनता और पार्टी कार्यकर्ता इन्हें नहीं पहचानते, लेकिन जेब में पैसा है इसलिए चुनाव लड़ने की तीव्र इच्छा जाग चुकी है.

चुनाव के वक्त इंडिया गठबंधन वाम दलों को एक-दो सीट का लॉलीपॉप थमा देती है. विधानसभा चुनाव से पहले मासस का भाकपा माले में विलय होने से कोयलांचल का राजनीतिक समीकरण बदलेगा.