पुराने वोटर लिस्ट से निकाय चुनाव पर सवाल, बाबूलाल मरांडी ने कहा- गंभीर अलोकतांत्रिक मुद्दा
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची पर कराए जाएं, ताकि हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे.
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची पर कराए जाएं, ताकि हर मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे.
प्रतीक और अपर्णा यादव ने तलाक अफवाहों के बीच इंस्टाग्राम पर साझा की नई तस्वीर और लिखा “All Is Well”
UGC के नए नियमों पर बढ़ते विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और कानून का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा.
UGC के नए नियमों, जनरल कैटेगरी के छात्रों के विरोध और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है. इस फैसले ने शिक्षा नीति और प्रशासनिक निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा को लेकर बाबूलाल मरांडी ने तीखा हमला बोला. गणतंत्र दिवस से दूरी, कानून-व्यवस्था और राज्य की बदहाली पर सवाल उठाए.
खरसावां विधायक दशरथ गगराई का म्यूजिक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. अभिनय और गायकी के इस प्रयोग पर जहां समर्थक सराहना कर रहे हैं, वहीं BJP ने इस पर आपत्ति जताई है.

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान को लेकर उठा विवाद अब और गहरा गया है. मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को दूसरा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भूमि आवंटन रद्द करने और स्थायी प्रतिबंध की चेतावनी दी है. वहीं इस कार्रवाई पर शंकराचार्य ने कड़ा विरोध जताया है.
महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामलों में फंसाने की कथित साजिश सामने आई है. SIT जांच, स्टिंग वीडियो, गवाहों पर दबाव और गायब लॉगबुक ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.