


बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है. नीतीश कुमार ने MLC पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में एंट्री ले ली है. इसके साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री की तलाश तेज हो गई है. NDA में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं और जल्द ही नया चेहरा सामने आ सकता है.

बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद Chirag Paswan के बयान ने सियासत गरमा दी है. उन्होंने दावा किया कि RJD के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे Tejashwi Yadav पर दबाव बढ़ गया है और महागठबंधन में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं.

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले Mamata Banerjee ने बड़ा दांव खेलते हुए नंदीग्राम सीट छोड़ दी और भवानीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया. All India Trinamool Congress ने 291 उम्मीदवार उतारकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.
झारखंड की राजनीति में कांग्रेस को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. Jairam Mahto ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में राज्य में कांग्रेस टूट सकती है और नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया है.

बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर NDA ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. BJP ने नितिन नवीन और शिवेश राम को मैदान में उतारा है, जबकि पांचवीं सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा को समर्थन दिया गया है. इस फैसले के साथ ही पवन सिंह को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर झामुमो के भीतर सियासी हलचल तेज है. शिबू सोरेन के निधन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की मांग है कि उनकी बेटी अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेजा जाए. पार्टी के भीतर इसे सम्मान, संगठन और राजनीतिक संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है.
20 साल बाद उद्धव और राज ठाकरे फिर एक मंच पर आए. इस ऐतिहासिक सियासी मिलन के पीछे ‘चंदू मामा’ की अहम भूमिका सामने आई है, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल दी.

झारखंड में इस बार राजद और सीपीआईएमएल की सरकार बनाने में अहम भूमिका होगी. राजद को 3 और सीपीआईएमएल की भी 3 सीटें मिल रही है. समाजवादी पार्टी का भी 1 सीट पर खाता खुल रहा है.