AICC की मंजूरी के बाद झारखंड कांग्रेस का बड़ा संगठन विस्तार, 7 अहम समितियों का गठन


रांची: Akhil Bharatiya Congress Committee (AICC) से मंजूरी मिलने के बाद Jharkhand Pradesh Congress Committee (JPCC) ने संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Keshav Mahto Kamlesh ने रविवार को कांग्रेस भवन, रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई समितियों और पदाधिकारियों की सूची जारी की।
इस दौरान एआईसीसी के झारखंड प्रभारी Bhupendra Maravi समेत सतीश पॉल मुंजनी, अभिलाष साहू, सोनाल शांति और राजन वर्मा मौजूद रहे।
7 प्रमुख समितियों का गठन
नई संरचना के तहत प्रदेश कांग्रेस में सात अहम समितियां बनाई गई हैं, जिनमें
· पीसीसी कार्यकारी समिति
· राजनीतिक मामलों की समिति (PAC)
· समन्वय समिति
· अभियान समिति
· परिसीमन समिति
· चुनाव प्रबंधन समिति
· एसआईआर समिति
शामिल हैं। इन समितियों का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत और सक्रिय बनाना है।
पदाधिकारियों का बड़ा ढांचा
पीसीसी की नई कार्यकारी समिति में
· 1 कोषाध्यक्ष
· 16 उपाध्यक्ष
· 43 महासचिव
· 44 समन्वयक
· 81 सचिव
· 44 संयुक्त सचिव
को शामिल किया गया है।
इनमें से 14 उपाध्यक्षों को राज्य की संसदीय सीटों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि बाकी को संगठन और फ्रंटल संगठनों के समन्वय का कार्य सौंपा गया है।
जिलों और बूथ स्तर तक फोकस
34 महासचिवों को जिलों और नगर निकायों में प्रभारी बनाकर भेजा जाएगा, जो डीसीसी अध्यक्षों के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे।
वहीं, 34 कोऑर्डिनेटर फ्रंटल संगठनों की निगरानी करेंगे।
इसके अलावा:
· 81 सचिवों को विधानसभा स्तर पर तैनाती
· 44 संयुक्त सचिवों को अहम क्षेत्रों में जिम्मेदारी
दी जाएगी, ताकि संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा सके।
रणनीति और आगे की योजना
प्रदेश अध्यक्ष Keshav Mahto Kamlesh ने बताया कि अगले 48 घंटों में विस्तृत अधिसूचना जारी कर सभी को भौगोलिक और कार्यात्मक जिम्मेदारियां सौंप दी जाएंगी।
नई कमेटी में महिलाओं, युवाओं (45 वर्ष से कम) और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का दावा किया गया है।
चुनावी तैयारी पर फोकस
· PAC (34 सदस्य) राज्य की राजनीतिक रणनीति तय करेगी
· अभियान समिति चुनावी प्लान बनाएगी
· चुनाव प्रबंधन समिति ग्राउंड लेवल पर तैयारी संभालेगी
वहीं परिसीमन समिति संभावित डिलिमिटेशन पर INDIA गठबंधन के साथ समन्वय करेगी।
संगठन को और मजबूत करने की योजना
प्रदेश कांग्रेस ने साफ किया है कि जिन कार्यकर्ताओं को अभी जिम्मेदारी नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही अन्य विभागों और फ्रंटल संगठनों में शामिल किया जाएगा।
संगठन को मजबूत करने के लिए अब ग्राम पंचायत और नगर निकाय वार्ड स्तर तक कांग्रेस समितियों को सक्रिय किया जाएगा, साथ ही नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए कामकाज की मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

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