
जनगणना 2027 के लिए ₹11,718 करोड़ का बजट मंजूर, देश में पहली बार होगा डिजिटल सेंसस
जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक होगी. इसके बाद फरवरी 2027 में आबादी की गिनती की जाएगी.

जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक होगी. इसके बाद फरवरी 2027 में आबादी की गिनती की जाएगी.
झारखंड के साहिबगंज, चतरा और पलामू जिलों में खनन पट्टा आवंटन में गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं. यहां डीसी ने अपने अधिकार क्षेत्र से अधिक 4.74 हेक्टेयर भूमि पर पट्टा स्वीकृत कर दिया, जिसे ई-नीलामी के लिए जाना चाहिए था.
घटना झारखंड के देवघर जिले की है, जहां सोनरायठाड़ी प्रखंड अंतर्गत नकटी गांव में बुधवार रात मुंद्रिका देवी के निधन से भीतर तक आहत उनकी बहू उषा देवी को ब्रेन हेमरेज हुआ और आखिरकार उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.
छात्रवृति के मामले में बीजेपी ओबीसी छात्रों को गुमराह कर रही है. केंद्र सरकार स्वयं राज्य को छात्रवृत्ति की अदायगी के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं करा रही है, फिर भी भाजपा नेता इस विषय पर संवेदना बटोरने की राजनीति कर रहे हैं.
राधाकृष्ण किशोर ने बाबूलाल मरांडी के सामने हाथ जोड़ दिये. कहा हमलोग हार गये. प्रार्थना है कि आप झारखंड का पैसा हमें दिलवाइये.
गुरुवार तड़के हजारीबाग में एक महत्वपूर्ण छापेमारी अभियान चलाया. करीब सुबह 5 बजे, एजेंसी की एक बड़ी टीम ने पेलावल इलाके में रहने वाले दंत चिकित्सक डॉ. जमील के आवास पर अचानक कार्रवाई की.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में हुए कथित शराब घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है. बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बार फिर किसी सरकारी अधिकारी को बलि का बकरा बनाकर खुद को बचाने की तैयारी में हैं.
झारखंड की राजधानी रांची और उपराजधानी दुमका में राजभवन बने हुए हैं. दोनों राजभवनों का आधिकारिक नाम ‘लोक भवन’ किया गया है, लेकिन अब झारखंड सरकार केंद्र के इस फैसले को बदलना चाहती है.
जुलाई महीने में सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि दिल्ली स्थित नये झारखंड भवन में अब माननीयों की सिफारिश पर कमरा नहीं मिलेगा. ऑफिशियल और पर्सनल काम से दिल्ली जाने वाले लोग जो मंत्री, सांसद या विधायकों की सिफारिश पर झारखंड भवन में कमरा लेकर ठहरते थे उन्हें अब वहां कमरा नहीं मिलेगा.
छात्रवृत्ति और छात्रों के अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर जेएलकेएम के 6 दिवसीय छात्र अधिकार पदयात्रा के समापन से पहले खूब हंगामा हुआ. देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में रांची के बूटी मोड़ से मंगलवार सुबह पदयात्रा शुरु हुई.