फायरिंग, शूटर और हथियार: प्रिंस खान–सुजीत सिन्हा नेटवर्क का भंडाफोड़
पलामू पुलिस ने प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के संगठित अपराध नेटवर्क का किया भंडाफोड़. जांच में हथियार, शूटर और कई अपराधी बरामद. नेटवर्क दुबई से भी संचालित.
पलामू पुलिस ने प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के संगठित अपराध नेटवर्क का किया भंडाफोड़. जांच में हथियार, शूटर और कई अपराधी बरामद. नेटवर्क दुबई से भी संचालित.
हजारीबाग पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20.5 किलो अफीम बरामद की है. इस मामले में चतरा जिले के तीन तस्करों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत जेल भेजा गया है.
खूंटी जिले में सोमा मुंडा हत्याकांड के बाद पुलिस ने सदर थाना प्रभारी को निलंबित कर अशोक सिंह को नया थानेदार नियुक्त किया. एसआईटी को सात दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम मिला.
पलामू जिले के हुसैनाबाद में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सात साल से IAS अधिकारी बताकर लोगों को डराता-धमकाता था. जमीन विवाद के मामले में थाने पहुंचने पर उसकी बातचीत से शक हुआ और जांच में उसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई.
अमेरिका की फेडरल अदालत में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें अगवा किया गया है. ड्रग्स और हथियार तस्करी के आरोपों पर मादुरो और उनकी पत्नी ने सख्त इनकार किया, जबकि अमेरिका ने इसे नार्को-आतंकवाद का मामला बताया है.
US Vs Venezuela टकराव के बाद वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई है. मादुरो की गिरफ्तारी से अमेरिका को लाभ, जबकि रूस की अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका जताई जा रही है.
प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. एसीबी हजारीबाग ने हुवाग पंचायत के सचिव को ₹2500 रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया.
देवघर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. साइबर थाना की टीम ने पालोजोरी थाना क्षेत्र से छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया और मोबाइल–सिम समेत कई उपकरण जब्त किए. पुलिस का कहना है कि जनवरी से अब तक 764 साइबर अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं और अभियान लगातार जारी है.
हजारीबाग के बरही में एक 11 साल के बच्चे पर हुई बर्बर मारपीट ने पूरे झारखंड में गुस्सा भड़का दिया. घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला स्थानीय मोहल्ले से निकलकर सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया और फिर पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया.
यह आदेश मुख्यतः वाहनों की संख्या कम करने और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है. नियम का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है.