#पांचवीं अनुसूची

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आरक्षित सीटें, CNT-SPT और जमीन... परिसीमन से पहले आदिवासी संगठनों ने रखी 5 मांगें
झारखंड

आरक्षित सीटें, CNT-SPT और जमीन... परिसीमन से पहले आदिवासी संगठनों ने रखी 5 मांगें

परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों ने पांच सूत्री मांगें रखी हैं.आरक्षित सीटें कम नहीं करने, CNT-SPT एक्ट लागू करने, जमीन वापस दिलाने और पांचवीं अनुसूची के अधिकारों को लागू करने की मांग की गई है.

क्या जनसंख्या के नए गणित में कमजोर पड़ जाएगा आदिवासी प्रतिनिधित्व! परिसीमन से बदल जाएगा झारखंड का राजनीतिक नक्शा?
झारखंड

क्या जनसंख्या के नए गणित में कमजोर पड़ जाएगा आदिवासी प्रतिनिधित्व! परिसीमन से बदल जाएगा झारखंड का राजनीतिक नक्शा?

2026 के बाद प्रस्तावित परिसीमन को लेकर झारखंड में आदिवासी समाज की चिंता बढ़ गई है. रांची में आयोजित सेमिनार में ST सीटों में संभावित कटौती, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों पर गंभीर सवाल उठाए गए.

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में वोटिंग के बीच ‘गायब’ 4 विधायक बने सस्पेंस, पांचवीं सीट पर NDA-महागठबंधन की असली लड़ाई
बिहार

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में वोटिंग के बीच ‘गायब’ 4 विधायक बने सस्पेंस, पांचवीं सीट पर NDA-महागठबंधन की असली लड़ाई

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 में वोटिंग के दौरान महागठबंधन के चार विधायक गायब रहने से सियासी हलचल तेज हो गई है. पांचवीं सीट पर एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है.

बिहार राज्यसभा चुनाव: पवन सिंह का सपना टूटा? पांचवीं सीट पर उपेंद्र कुशवाहा की एंट्री से बदला गेम
राजनीति

बिहार राज्यसभा चुनाव: पवन सिंह का सपना टूटा? पांचवीं सीट पर उपेंद्र कुशवाहा की एंट्री से बदला गेम

बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर NDA ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. BJP ने नितिन नवीन और शिवेश राम को मैदान में उतारा है, जबकि पांचवीं सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा को समर्थन दिया गया है. इस फैसले के साथ ही पवन सिंह को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया.

रांची महारैली में कुड़मी समाज ने भरी हुंकार, एसटी का दर्जा और कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
झारखंड

रांची महारैली में कुड़मी समाज ने भरी हुंकार, एसटी का दर्जा और कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

रांची में कुड़मी महारैली में हजारों लोगों ने हुंकार भरा, एसटी दर्जा और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की जोरदार मांग की। यह आंदोलन केंद्र सरकार और झारखंड प्रशासन के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.