धनबाद में वर्चस्व की लड़ाई बनी हिंसा की वजह, कई अधिकारी घायल
धनबाद के झरिया क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस घटना में बीसीसीएल के कई अधिकारी घायल हुए हैं. देवप्रभा कंपनी के माइंस इंचार्ज ने जानलेवा हमले का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

Dhanbad: धनबाद जिले में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वर्चस्व को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. मामला झरिया क्षेत्र के मुकुंद ओपनकास्ट परियोजना के आसपास का है, जहां देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया. इस झड़प में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) से जुड़े कई अधिकारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे मामला और उलझता नजर आ रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और हालात पर नजर बनाए हुए है.
वर्चस्व और रंगदारी के आरोप, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
देवप्रभा कंपनी के माइंस इंचार्ज शीतला प्रसाद सिंह का आरोप है कि उनसे लगातार वर्चस्व और कथित रंगदारी को लेकर दबाव बनाया जा रहा था. विरोध करने पर उन पर हमला किया गया और जान से मारने की नीयत से मारपीट हुई. वहीं दूसरी ओर बीसीसीएल अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि झगड़े की शुरुआत देवप्रभा कंपनी के लोगों की ओर से हुई. उनके अनुसार, इसी दौरान कई बीसीसीएल अधिकारी घायल हुए. दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.
सड़क जाम, पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज की भूमिका
घटना से नाराज बीसीसीएल से जुड़े नेता और समर्थक कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया. जिनागोड़ा तीसरा थाना की पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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