पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सरावगी के लंबे संगठनात्मक अनुभव का लाभ बिहार भाजपा को मिलेगा. छात्र राजनीति से लेकर विधायक और मंत्री पद तक का उनका सफर उन्हें एक अनुभवी और जमीनी नेता के रूप में स्थापित करता है. बिहार बीजेपी में इस बदलाव के साथ संगठन में नई ऊर्जा और नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है.
भारतीय जनता पार्टी ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. पार्टी ने यह दायित्व जेपी नड्डा के स्थान पर उन्हें सौंपने की घोषणा की है.
धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. शनिवार को झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाके का दौरा किया और हालात का प्रत्यक्ष आकलन किया.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मिलना कांग्रेस हाईकमान से मिलने की तुलना में ज्यादा मुश्किल है. बीजेपी अपने फैसले भी सार्वजनिक नहीं करती और जमीनी स्तर के नेताओं से चर्चा के बिना ही निर्णय ले लिए जाते हैं.
कोयला कारोबारी मनोज अग्रवाल के धनसार और भेलाटांड स्थित आवास एवं कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की गई. सुबह करीब 7:30 बजे ईडी की चार गाड़ियां केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंचीं और पूरे परिसर को घेर लिया.
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार दूसरे दिन S.I.R समेत चुनाव सुधारों पर चर्चा के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. शाह ने कहा, "मैं बहुत साफतौर कहता हूं कि इस सदन में SIR पर चर्चा नहीं हो सकती.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा की जरूरत तब भी थी जब गीत बनी थी, आजादी के आंदोलन में भी थी, आज भी है और 2047 में जब महान भारत बनेगा तब भी रहेगी.
छात्रवृत्ति को लेकर बीजेपी विधायक वेल में घुस गए और हंगामा करने लगे. सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल में पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने वेल में घुसकर जमकर नारेबाजी की.
बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही सत्तारूढ़ JDU के दो जनप्रतिनिधियों को रंगदारी की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. सीवान से JDU सांसद विजय लक्ष्मी देवी और बड़हरिया से JDU विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल से फोन पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है.
नई सरकार आने के साथ ही प्रशासन का रवैया कड़ा हुआ और अवैध निर्माणों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई. नालंदा से लेकर पटना तक सरकारी जमीन पर बने तमाम ढांचों को गिराए जाने से हड़कंप मचा हुआ है.