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आदिम जनजातियों का अनाज खा गया अधिकारी, 1 करोड़ गबन का आरोपी साहिबगंज सहकारिता पदाधिकारी निलंबित
झारखंड

आदिम जनजातियों का अनाज खा गया अधिकारी, 1 करोड़ गबन का आरोपी साहिबगंज सहकारिता पदाधिकारी निलंबित

साहिबगंज के पथना प्रखंड में आदिम जनजातियों के लिए निर्धारित करीब 1 करोड़ रुपये के खाद्यान्न गबन के मामले में सहकारिता पदाधिकारी को विधानसभा सत्र के दौरान निलंबित कर दिया गया.

सरना धर्म कोड पर फिर गरमाई राजनीति, विधानसभा में हेमलाल मुर्मू ने केंद्र पर साधा सीधा निशाना
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झारखंड

सरना धर्म कोड पर फिर गरमाई राजनीति, विधानसभा में हेमलाल मुर्मू ने केंद्र पर साधा सीधा निशाना

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सरना धर्म कोड का मुद्दा फिर गरमा गया. हेमलाल मुर्मू ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी समाज की अलग धार्मिक पहचान की मांग लंबे समय से लंबित है.

राजभवन पहुंचा PESA विरोध, आदिवासी संगठनों ने नियमावली में संशोधन की मांग की
झारखंड

राजभवन पहुंचा PESA विरोध, आदिवासी संगठनों ने नियमावली में संशोधन की मांग की

झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.

पेसा को लेकर झारखंड में सियासी संग्राम, कांग्रेस का पलटवार—आदिवासी स्वशासन से खिलवाड़ नहीं चलेगा
झारखंड

पेसा को लेकर झारखंड में सियासी संग्राम, कांग्रेस का पलटवार—आदिवासी स्वशासन से खिलवाड़ नहीं चलेगा

पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.

पेसा नियमावली पर चंपाई सोरेन का तीखा हमला, कहा- कानून आया, लेकिन उसकी आत्मा खत्म कर दी गई
राजनीति

पेसा नियमावली पर चंपाई सोरेन का तीखा हमला, कहा- कानून आया, लेकिन उसकी आत्मा खत्म कर दी गई

पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.

झारखंड के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पद, 15 जनवरी से प्रशासनिक अराजकता खत्म होने की उम्मीद
झारखंड

झारखंड के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पद, 15 जनवरी से प्रशासनिक अराजकता खत्म होने की उम्मीद

झारखंड की यूनिवर्सिटी में लंबे समय से खाली पदों के बाद प्रशासनिक स्थिरता लौटने की उम्मीद है. 15 जनवरी से कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इससे छात्रों और शिक्षकों के लिए स्थायी नेतृत्व और शैक्षणिक नियमितता सुनिश्चित होने की संभावना है.