बिहार के नालंदा में मिड-डे मील खाने से 60 से ज्यादा बच्चे बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप
बिहार के नालंदा जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 60 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

Nalanda जिले के नगरनौसा प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार, मध्य विद्यालय कैला में बुधवार को बच्चों को दोपहर के भोजन में चावल और छोले परोसे गए थे. खाना खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और दस्त की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते करीब 60 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
स्थिति गंभीर होने पर स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. कुछ बच्चों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि एक छात्रा की हालत नाजुक बताई जा रही है. घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली और मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
भोजन के बाद अचानक बिगड़ी बच्चों की तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिड-डे मील खाने के कुछ मिनट बाद ही बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत शुरू कर दी. कई बच्चे स्कूल परिसर में ही कमजोर होकर गिर पड़े. स्थिति बिगड़ते देख शिक्षकों और ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया.
अस्पतालों में बच्चों के पहुंचते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई. परिजन अपने बच्चों की हालत देखकर परेशान नजर आए. डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है.
भोजन में संदिग्ध पदार्थ होने की आशंका
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि परोसे गए छोले में दवा जैसी कोई संदिग्ध चीज दिखाई दे रही थी. बच्चों का कहना है कि भोजन परोसने से पहले नियमित जांच या टेस्टिंग नहीं की गई थी. हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
घटना के बाद एक शिक्षक ने भी भोजन खाकर उसकी जांच करने की कोशिश की, जिसके बाद उनकी तबीयत भी खराब हो गई. इससे भोजन की गुणवत्ता पर और सवाल उठने लगे हैं.
जांच के आदेश, कार्रवाई की तैयारी
घटना के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मिड-डे मील सप्लाई करने वाली संस्था की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों और संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल बीमार बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.

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