मॉडल कॉलेज राजमहल में पर्यावरण दिवस सप्ताह का समापन, 100 पौधों का हुआ वृक्षारोपण
जिले के मॉडल कॉलेज राजमहल में विश्व पर्यावरण दिवस–2026 सप्ताह का समापन पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों के साथ किया गया.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट-
Sahebganj: जिले के मॉडल कॉलेज राजमहल में विश्व पर्यावरण दिवस–2026 सप्ताह का समापन पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों के साथ किया गया. इस अवसर पर वृक्षारोपण, योग अभ्यास, स्वच्छता अभियान और नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण और सतत विकास के महत्व को आमजन तक पहुंचाना था. कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. आयोजन के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया.
100 पौधों का वृक्षारोपण, स्वच्छ गंगा अभियान में छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान जिला वन विभाग और नमामि गंगे योजना के सहयोग से लगभग 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके साथ ही गंगा स्वच्छता और संरक्षण के लिए जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया गया. स्वच्छता अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कॉलेज परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सफाई गतिविधियाँ संचालित कीं. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक जागरूकता उत्पन्न हो सके.
योग, जागरूकता सत्र और सतत विकास पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में योग अभ्यास सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और स्वच्छ पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि योग न केवल शरीर और मन को स्वस्थ रखता है, बल्कि यह प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने में भी सहायक है. नमामि गंगे मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया. प्राचार्य सह पर्यावरणविद् डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और योग के माध्यम से प्रकृति के संतुलन में योगदान देना चाहिए.
भू-विज्ञान और करियर संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में सहायक निदेशक, भूतत्व, साहिबगंज कुणाल कौशल, उपनिदेशक, भूतत्व, संथाल परगना अंचल दुमका तथा एम.डी. दानिश हुसैन (सीडीपीओ सह नगर प्रशासक, राजमहल) उपस्थित रहे. इस दौरान सभी अतिथियों ने पर्यावरण संतुलन, सतत विकास, गंगा संरक्षण और योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए. कुणाल कौशल ने भू-विज्ञान (जियोलॉजी) में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजमहल क्षेत्र फॉसिल अध्ययन, खनन, पर्यावरण विज्ञान और अनुसंधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां रोजगार और शोध के अनेक अवसर उपलब्ध हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में मुस्कान कनोडिया, शिक्षक अनिकेत कुमार सहित कॉलेज के अन्य शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. सभी ने वृक्षारोपण, योग और स्वच्छता गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगी विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे.

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