झारखंड कैबिनेट की बैठक 21 जुलाई को: वेतन-पेंशन, JTET भाषा विवाद और कई अहम प्रस्तावों पर हो सकता है फैसला
21 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक होगी. बैठक में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा नियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों के साथ JTET में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने के मुद्दे पर भी फैसला लिया जा सकता है.

रांची: झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक 21 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में आयोजित होगी. करीब 15 दिनों के अंतराल के बाद होने जा रही इस बैठक को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. बैठक में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर कोर्ट के आदेशों के अनुरूप प्रस्ताव रखे जा सकते हैं. इसके साथ ही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में क्षेत्रीय भाषाओं, विशेषकर भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल करने के मुद्दे पर भी सरकार निर्णय ले सकती है. हाल के दिनों में इस विषय पर गठित मंत्रिस्तरीय समिति में एकमत राय नहीं बन सकी थी, जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री के विचाराधीन है. इसके अलावा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा उठाए गए प्रशासनिक और प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दों पर भी कैबिनेट में चर्चा होने की संभावना है. माना जा रहा है कि बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े करीब दो दर्जन प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा.
कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा नियमितीकरण पर हो सकता है फैसला
कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा कर्मचारियों से जुड़े मामलों को माना जा रहा है. विभिन्न मामलों में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद वेतन, पेंशन और सेवा नियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं. यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो लंबे समय से लंबित कई मामलों का समाधान होने की संभावना है.
JTET में क्षेत्रीय भाषाओं के विवाद पर कैबिनेट की नजर
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में है. इस विषय पर गठित सात सदस्यीय मंत्रिस्तरीय समिति में सहमति नहीं बन सकी थी, जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री के पास भेजा गया. अब उम्मीद की जा रही है कि 21 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी स्पष्ट कर चुके हैं कि मंत्रियों की लिखित अनुशंसाओं के आधार पर कैबिनेट को फैसला लेना है.
वित्त मंत्री के उठाए मुद्दों समेत कई प्रस्तावों पर होगी चर्चा
बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा हाल के दिनों में उठाए गए प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान और प्रशासनिक कार्यशैली से जुड़े विषयों पर अपनी चिंता जाहिर की थी. इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े लगभग दो दर्जन प्रस्तावों पर भी मंत्रिपरिषद विचार करेगी. सरकार के कई अहम फैसलों पर 21 जुलाई की कैबिनेट बैठक के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

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