रामगढ़ कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर में हाई अलर्ट, डॉग स्क्वायड ने खंगाला हर कोना
“रामगढ़ जिला व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया. प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, जबकि पुलिस धमकी के स्रोत की जांच में जुटी है.”

Ramgarh: जिला व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं. सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते और मेटल डिटेक्टर की मदद से न्यायालय परिसर की गहन तलाशी ली गई. प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी के स्रोत की जांच कर रही है. सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है.
धमकी के बाद कोर्ट परिसर में चला सघन तलाशी अभियान
रामगढ़ जिला व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार सुबह से ही पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया. डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और मेटल डिटेक्टर की सहायता से कोर्ट भवन, मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम, सिरिस्ता कक्ष, गलियारों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की गई. किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई. तलाशी अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों की भी सघन जांच की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे परिसर की लगातार निगरानी की जा रही है. फिलहाल जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है.
धमकी की सूचना मिलते ही SDPO ने संभाली कमान
रामगढ़ के एसडीपीओ आलोक रंजन स्वयं पूरे तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार धमकी डाक और सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके उद्देश्य का पता लगाने के लिए तकनीकी और साइबर जांच भी शुरू कर दी गई है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
प्रारंभिक जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान, पुलिस बढ़ा रही निगरानी
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की जांच के दौरान कोर्ट परिसर से किसी प्रकार की आपत्तिजनक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि धमकी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दूसरे के नाम से दी गई हो सकती है, जिसके पीछे आपसी रंजिश या दुर्भावना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती. एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है. इसके अलावा सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. सुरक्षा व्यवस्था को फिलहाल सामान्य से अधिक सतर्क रखा गया है.
पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और सहयोग की अपील की
पुलिस प्रशासन ने अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मियों, वादकारियों और न्यायालय आने वाले सभी लोगों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने की अपील की है. एसडीपीओ आलोक रंजन ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रही हैं और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की प्रकृति, उसके स्रोत और इसके पीछे की मंशा को लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी.

