साइबर ठगों से बचने के लिए रहें सतर्क, साहिबगंज पुलिस ने स्कूली बच्चों को सिखाए सुरक्षा के तरीके
साहिबगंज पुलिस ने बड़ा पांगड़ो उच्च विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, ओटीपी और अनजान लिंक से होने वाली ठगी के प्रति सतर्क किया गया.

Sahibganj:- डिजिटल दौर में ऑनलाइन सुविधाओं के साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. फर्जी फोन कॉल, अनजान लिंक और ओटीपी के जरिए साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं. ऐसे अपराधों से बचाव और लोगों को जागरूक करने के लिए साहिबगंज पुलिस ने जिले में विशेष अभियान शुरू किया है. इसी अभियान के तहत बुधवार को बोरियो प्रखंड के बड़ा पांगड़ो उच्च विद्यालय में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने की. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में अनजान कॉल पर भरोसा करना, किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना या किसी के साथ ओटीपी साझा करना भारी पड़ सकता है. अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते मदद ली जा सके.
स्कूल में पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान
बड़ा पांगड़ो उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के खतरों से परिचित कराना था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता ही ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है. कार्यक्रम में बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों या पुलिस को देने की सलाह दी गई.
फर्जी कॉल और अनजान लिंक से रहें सावधान
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों ने समझाया कि साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या अन्य परिचित संस्थाओं का प्रतिनिधि बनकर फोन कर सकते हैं. कई बार इनाम, नौकरी या अन्य लाभ का लालच देकर लोगों को फर्जी लिंक भेजे जाते हैं. ऐसे लिंक पर क्लिक करने या निजी जानकारी साझा करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या निजी पासवर्ड नहीं देना चाहिए.
सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भी बरतें सावधानी
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के तरीके भी बताए. उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी, फोटो और अन्य संवेदनशील विवरण साझा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचना चाहिए. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए.
साइबर ठगी होने पर 1930 नंबर पर करें शिकायत
जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा पुलिस सहायता के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, महिला हेल्पलाइन के लिए 1091, घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता के लिए 181 और एंबुलेंस सेवा के लिए 108 नंबर उपलब्ध हैं. पुलिस ने इन नंबरों को जरूरत के समय इस्तेमाल करने की सलाह दी.
एसडीपीओ समेत कई पुलिस अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने की. मौके पर मेजर रोहित दुबे, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, साइबर सेल प्रभारी पंकज वर्मा और पांगड़ो ओपी प्रभारी मौजूद रहे. विद्यालय की ओर से प्रधानाध्यापक सुस्मित सोरेन के अलावा अनुजा सिंह आर्य, अजय ठाकुर, रमेश कुमार, आशीष प्रसाद, जितेंद्र कुमार यादव, संध्या तिर्की, अविनाश आनंद, रितेश कुमार, अरुण कुमार, लिली मुर्मू, अमरेंद्र सिंहा और प्रशांत हेम्ब्रम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे. पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने और इस जानकारी को अपने परिवार तथा आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की.

