झारखंड के 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा विशेष सैलरी पैकेज, सरकार और यूनियन बैंक के बीच MoU
झारखंड सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते से राज्य के करीब 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को विशेष सैलरी पैकेज का लाभ मिलेगा.

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में रांची स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में राज्य सरकार के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं, वित्तीय सुरक्षा और विशेष सैलरी पैकेज उपलब्ध कराना है. इसके तहत राज्य के लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है. कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा, दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा और रियायती दरों पर ऋण जैसी सुविधाएं मिलेंगी. मुख्यमंत्री ने इस पहल को कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण बताते हुए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रयासों की सराहना की.
आदिवासी और ग्रामीण समुदाय के वित्तीय सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है, इसलिए बैंकिंग क्षेत्र में आदिवासी समुदाय को विशेष प्राथमिकता और लाभ मिलना चाहिए. बैंकिंग सुविधाएं केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गरीब, पिछड़े, वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों की विशिष्ट सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं. भगवान बिरसा मुंडा सहित झारखंड के वीर सपूतों के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आदिवासी और ग्रामीण समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके लिए बैंकों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
युवाओं और छोटे उद्यमियों को आसान ऋण उपलब्ध कराने की अपील
मुख्यमंत्री ने बैंकों से युवाओं, छोटे उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल एवं सुलभ बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है. इन योजनाओं के माध्यम से युवा ऋण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. बैंक यदि आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था के प्रति आम लोगों का भरोसा मजबूत होना जरूरी है. ऐसी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, जिनसे हर नागरिक आसानी से बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सके और आर्थिक रूप से सशक्त बन सके.
दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और रियायती ऋण सहित मिलेंगी सुविधाएं
समझौते के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को कई विशेष सुविधाएं मिलेंगी. इनमें आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर, पूर्ण एवं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता और एयर एम्बुलेंस सहित आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा कर्मचारियों को रियायती दरों पर व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण और वाहन ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी. उन्हें निःशुल्क एटीएम कार्ड तथा डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा. इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव प्रशांत कुमार, यूनियन बैंक के जोनल हेड गुणा चन्द्र गामी, इकोसिस्टम हब हेड रंजीत सहित बैंक और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

