25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा की विशेष बैठक, मेडिको सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹284 करोड़ मंजूर, 62 प्रस्तावों पर लगी मुहर
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. झारखंड मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ रुपये, 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने और नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए 607 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई.

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार (27 अक्टूबर) को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, रोजगार, सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभ और खनन समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए. सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण इलाकों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने तथा आधारभूत संरचनाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है. वहीं, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण और पेंशन से जुड़े मामलों में भी कई निर्णय लिए गए.
25 और 26 नवंबर को विधानसभा की विशेष बैठक
मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी 25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा की विशेष बैठक आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है. इसके साथ ही राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27 और मध्यम अवधि की राजकोषीय योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की टीम के चयन तथा भुगतान को स्वीकृति दी गई है.
झारखंड मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने झारखंड मेडिको सिटी से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 284 करोड़ 17 लाख 24 हजार 900 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. इसके अलावा, जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 545 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई. रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना और उपकरणों की खरीद के लिए 9.90 करोड़ रुपये की लागत पर काम आवंटित करने की मंजूरी भी दी गई. सरकार के इन फैसलों से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा.
263 प्रखंडों में लगेंगे 7,890 चापाकल
राज्य में पेयजल संकट के समाधान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है. इस पर करीब 96.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. हजारीबाग जिले की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और मुख्य नहरों की लाइनिंग के लिए भी 32.17 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा, सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में भूमिगत पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी मिली है. इस परियोजना पर 607.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, आदिवासी बहुल गांवों के ऐसे टोले और घर, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां विद्युतीकरण के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 184.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
गिरिडीह और रांची की सड़कों के लिए करोड़ों रुपये
सड़क आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. गिरिडीह जिले में बड़कीटांड-जबरदाहा-निमायीटांड-शंकरडीह-मरजुगुण्डी पथ के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए करीब 40.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. मदहालो से अलाकडीहा तक खेतको के रास्ते जाने वाली सड़क के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 37.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. गिरिडीह के पतालडीह-देवरी-गांवा-सतगांवा पथ के 42.40 किलोमीटर हिस्से की राइडिंग क्वालिटी में सुधार के लिए 37.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. वहीं, रांची में एडरमहातु से बांदू पथ के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए 30.09 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इन परियोजनाओं में जरूरत के अनुसार पुल निर्माण, भूमि अधिग्रहण और अन्य संबंधित कार्य भी शामिल हैं.
सरकारी कर्मचारियों के पेंशन और सेवा नियमितीकरण पर फैसला
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन विसंगति, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है. इसके साथ ही विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में कई दैनिक वेतनभोगी और अनियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों की सेवा नियमित करने तथा पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ देने से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है. राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना के तहत परामर्शी कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी के लंबित भुगतान के लिए 1.17 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. राज्य में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित करने का फैसला भी लिया गया है.
गोड्डा में बनेगा पशु आहार कारखाना
दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन योजना के तहत झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा. इसकी शुरुआती क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जा सकेगा. परियोजना की अनुमानित लागत 51.49 करोड़ रुपये है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है. कैबिनेट ने झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन, राज्य विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित नियमावली, आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा नियमावली तथा प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा, राज्य के खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण, विकास और संचालन के लिए झारखंड मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड ब्लॉक डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है.
कैबिनेट के अन्य फैसलों में जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को राहत देने, आंगनबाड़ी और पोषण योजनाओं के तहत पोषाहार की आपूर्ति, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विद्युतीकरण, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की वैधता अवधि में बदलाव तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक और सेवा संबंधी मामलों को मंजूरी देना शामिल है. सरकार के इन फैसलों का असर स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, बिजली, खनन और सरकारी सेवा व्यवस्था जैसे कई क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है.

