New Delhi: लोकसभा के बजट सत्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने से रोक दिया गया, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया. मामला पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब और उसके कथित कोट से जुड़ा था. जैसे ही राहुल गांधी ने इस पर बोलना शुरू किया, आसन ने उन्हें रोका और अगले वक्ताओं के नाम लेने शुरू कर दिए. इसके विरोध में कांग्रेस, सपा, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे. सांसदों ने आसन की ओर पेपर उछाले. हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ और कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी. विपक्ष ने इस दौरान राहुल गांधी के समर्थन में एकजुटता दिखाई.
नरवणे मेमोयर और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राहुल गांधी की बात
राहुल गांधी ने संसद में ‘नरवणे मेमोयर’ का जिक्र करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ा. उन्होंने कहा कि भारत-चीन संबंध, ईस्टर्न लद्दाख में सैनिकों की सुरक्षा और पाकिस्तान से जुड़े मसले राष्ट्रपति के भाषण और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का अहम हिस्सा हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया, “मुझे क्यों रोका जा रहा है?” उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा संसद का अधिकार है. भाजपा सांसदों और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आपत्ति जताई और कहा कि सदन को इस विषय पर गुमराह नहीं किया जाना चाहिए.
हंगामे के कारण कार्यवाही में बाधा
राहुल गांधी के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. कांग्रेस और अन्य दलों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा. नारेबाजी के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पूरक प्रश्न का उत्तर दिया. लोकसभा अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी और ओम बिरला ने विपक्ष से शांति बनाए रखने और कार्यवाही जारी रखने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा. परिणामस्वरूप प्रश्नकाल और अन्य कार्यवाही दोपहर 12 बजे और बाद में तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष का विरोध
विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसानों के हितों से समझौता किया गया और उन्हें विश्वास में लिए बिना डील को अंतिम रूप दिया गया. उनका कहना था कि यह समझौता भारतीय कृषि बाजार और किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल असर डाल सकता है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार से सदन में सभी विवरण पेश करने की मांग की. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूएस टैरिफ डील पर सरकार का पक्ष रखने की संभावना जताई.
अध्यक्ष और आसन की प्रतिक्रिया
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि प्रश्नकाल का उद्देश्य सांसदों को सवाल पूछने और सरकार की जवाबदेही तय करने का है. उन्होंने यह भी कहा कि बजट और राष्ट्रपति के भाषण पर सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा. हंगामा लगातार जारी रहने के कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई.
विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक गतिरोध
संसद में राहुल गांधी के भाषण को रोकने और व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध बढ़ गया. विपक्ष ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय मामलों और व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुली चर्चा जरूरी है. वहीं सरकार का कहना था कि सदन की कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चलनी चाहिए. बजट सत्र में इस राजनीतिक टकराव से कार्यवाही प्रभावित हुई और कई मुद्दों पर बहस स्थगित करनी पड़ी.


