ECL की परासिया खदान में बड़ा हादसा, एयर ब्लास्ट से दो मजदूरों की मौत
पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित ECL की परासिया कोलियरी में एयर ब्लास्ट के बाद बड़ा हादसा हो गया. खदान का हिस्सा ढहने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और खदान प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं.


Jamtra:-पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की परासिया कोलियरी में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया. खदान के अंदर हुए तेज एयर ब्लास्ट के बाद खदान का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि कई अन्य श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद पूरे कोयलांचल इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. घटना के समय मजदूर भूमिगत खदान में काम कर रहे थे. अचानक तेज दबाव और धमाके के कारण खदान की छत का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे कई श्रमिक मलबे में दब गए. हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. इस घटना के बाद श्रमिक संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
खदान के अंदर अचानक हुआ तेज धमाका
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को परासिया कोलियरी के अंदर सामान्य तरीके से काम चल रहा था. इसी दौरान अचानक खदान के भीतर हवा के दबाव में बड़ा बदलाव हुआ और जोरदार धमाका हुआ. इस तकनीकी घटना को एयर ब्लास्ट कहा जाता है.
धमाके की वजह से खदान की छत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया. वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे मलबे के नीचे दब गए. हादसे के बाद खदान के अंदर धूल और अंधेरा फैल गया, जिससे शुरुआती राहत कार्य में दिक्कतें आईं.
रेस्क्यू टीम ने चलाया राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही ECL की रेस्क्यू टीम और स्थानीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे. बचाव दल ने मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया. घायल श्रमिकों को पहले खदान के मुहाने तक लाया गया और फिर एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है. हादसे के बाद खदान में काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने खदान प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों और वेंटिलेशन सिस्टम की समय पर जांच होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था.
घटना के बाद ECL के अधिकारी और सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची. प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं मृतकों के परिजनों ने मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है. इस हादसे ने एक बार फिर खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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