पूर्व विधायक गुरुशरण नायक हमला केस में बड़ा खुलासा, NIA जांच में मिसिर बेसरा का नाम सामने आया
पूर्व विधायक गुरुशरण नायक पर हुए हमले और दो बॉडीगार्ड की हत्या मामले में NIA जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले की साजिश माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने रची थी, जबकि छत्तीसगढ़ के माओवादियों की स्पेशल एक्शन टीम ने वारदात को अंजाम दिया था.


झारखंड में पूर्व विधायक गुरुशरण नायक पर हुए जानलेवा हमले और उनके दो बॉडीगार्ड की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले की साजिश माओवादी संगठन के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने रची थी. बताया जा रहा है कि इस हमले को अंजाम देने के लिए छत्तीसगढ़ से जुड़े माओवादियों की स्पेशल एक्शन टीम को जिम्मेदारी दी गई थी. मामले की जांच के दौरान एनआईए ने कई आरोपियों और पूर्व माओवादियों से पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इस केस में गिरफ्तार और जेल में बंद माओवादियों से मिले इनपुट के बाद जांच एजेंसी ने हमले की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर कई अहम तथ्य जुटाए हैं. घटना वर्ष 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले में आयोजित एक फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान हुई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी.
एनआईए जांच में सामने आई बड़ी जानकारी
एनआईए की जांच में पता चला है कि पूर्व विधायक गुरुशरण नायक पर हमला माओवादी संगठन की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था. जांच एजेंसी के अनुसार, इस हमले की योजना माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने तैयार की थी.
बताया गया कि हमले को अंजाम देने के लिए छत्तीसगढ़ से जुड़े माओवादियों की स्पेशल एक्शन टीम को लगाया गया था. उस समय इस दस्ते का नेतृत्व प्लाटून कमांडर अश्विन कर रहा था. जांच में बीजापुर के माओवादी संदीप उर्फ हिड़मा पोडियम का नाम भी सामने आया है.
पूछताछ और गवाही से खुली साजिश की परतें
एनआईए ने चाईबासा जेल में बंद माओवादी संदीप को प्रोडक्शन वारंट पर रांची लाकर पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान एजेंसी को हमले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलीं. सूत्रों के अनुसार, हमले में शामिल प्लाटून कमांडर अश्विन ने भी कथित तौर पर पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
वहीं पूर्व माओवादी कुलदीप गंझू ने भी इस मामले में एनआईए को महत्वपूर्ण जानकारी दी है. कुलदीप ने दावा किया कि पूरी साजिश मिसिर बेसरा के निर्देश पर रची गई थी और हमले को अश्विन के दस्ते ने अंजाम दिया था.
फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान हुआ था हमला
4 जनवरी 2022 को पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र स्थित झिलरूआ गांव में ग्राम विकास समिति की ओर से फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. कार्यक्रम में पूर्व विधायक गुरुशरण नायक मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे.
इसी दौरान शाम करीब 5:45 बजे माओवादियों ने हमला कर दिया. हमले में उनके दो बॉडीगार्ड ठाकुर हेंब्रम और शंकर नायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि एक अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था. घटना के बाद हमलावर पुलिसकर्मियों के हथियार लेकर फरार हो गए थे. बाद में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई और जून 2022 में एनआईए ने केस अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की.

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