झारखंड मौसम: 1-2 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, वज्रपात को लेकर ऑरेंज चेतावनी
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 1 और 2 जुलाई को रांची समेत 16 जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जबकि 6 जुलाई से फिर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर राज्य के अधिकांश जिलों में देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. इसे देखते हुए कई जिलों के लिए भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसून की सक्रियता फिलहाल बनी रहेगी, हालांकि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है. किसानों और आम नागरिकों को मौसम के ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
पूरे झारखंड में सक्रिय हुआ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने पूरे झारखंड को कवर कर लिया है. इसके सक्रिय होने के बाद राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई. सबसे अधिक वर्षा मेदिनीनगर में 67.4 मिमी दर्ज की गई, जबकि रांची में 20 मिमी और चाईबासा में 14 मिमी बारिश हुई. लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरे मौसम से राहत मिली है.
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 1 और 2 जुलाई के लिए देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, धनबाद, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में वज्रपात और मेघ गर्जन को लेकर भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बारिश से तापमान में आई उल्लेखनीय गिरावट
लगातार हुई बारिश का असर राज्य के तापमान पर भी साफ दिखाई दिया. राजधानी रांची का अधिकतम तापमान एक दिन में 5.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. वहीं मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है.
3 से 5 जुलाई के बीच बारिश हो सकती है कम
मौसम विभाग का कहना है कि 3 से 5 जुलाई के बीच राज्य में बारिश की तीव्रता कुछ कम रह सकती है. हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं. विभाग का अनुमान है कि 6 जुलाई से एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होगा और कई जिलों में भारी बारिश का दौर लौट सकता है.
जून में सामान्य से काफी कम हुई बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 30 जून तक पूरे झारखंड में सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. राजधानी रांची में इस अवधि के दौरान सामान्य 197.6 मिमी की तुलना में केवल 146.9 मिमी बारिश हुई, जो लगभग 26 प्रतिशत कम है. वहीं दुमका जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक रही, जहां पूरे जून महीने में बारिश नहीं होने की जानकारी सामने आई है. मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई में सक्रिय मॉनसून इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है.

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